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अतिरिक्त आमदनी का बेहतरीन जरिया: मधुमक्खी पालन में किसानों की बढ़ती रुचि

किसानों के लिए स्वर्णिम अवसर: मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर कदम

शहद के औषधीय गुण बढ़ा रहे हैं इसकी मांग

शहद की मांग लगातार बढ़ रही है, खासकर इसके औषधीय गुणों के कारण। शहद में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो घाव भरने, बीमारियों से लड़ने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार हैं। यही कारण है कि शहद उत्पादन न केवल स्वास्थ्य बल्कि किसानों की आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण साधन बन रहा है। अतिरिक्त आमदनी का बेहतरीन जरिया: मधुमक्खी पालन में किसानों की बढ़ती रुचि

कृषि महाविद्यालय में मिल रहा है प्रशिक्षण

अम्बिकापुर के कृषि महाविद्यालय में किसानों को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण किसानों को खेती के साथ अतिरिक्त आमदनी का मौका प्रदान कर रहा है। केसगवां के किसान नरेंद्र सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि मधुमक्खियां फसलों की उपज और गुणवत्ता को बढ़ाने में सहायक होती हैं। सरकार द्वारा संचालित अभियान के तहत अब किसान मधुमक्खी पालन कर शहद बेचकर लाभ कमा सकते हैं। अतिरिक्त आमदनी का बेहतरीन जरिया: मधुमक्खी पालन में किसानों की बढ़ती रुचि

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मधुमक्खियों की प्रमुख नस्लें और शहद उत्पादन

मधुमक्खी पालन विशेषज्ञ डॉ. पी.के. भगत ने बताया कि तीन मुख्य नस्लों का पालन किया जाता है:

  1. इटालियन मधुमक्खी: यह एक पेटी में 15-20 दिनों में 6-7 किलो शहद का उत्पादन करती है।
  2. देशी एशियाई मधुमक्खी (सतघरवा): इसका उत्पादन 2-3 किलो प्रति पेटी होता है।
  3. डंकहीन मधुमक्खी: इसका उत्पादन कम (20 दिनों में 250 ग्राम) होता है, लेकिन शहद में औषधीय गुण अधिक होते हैं, जिससे बाजार मूल्य ज्यादा मिलता है। अतिरिक्त आमदनी का बेहतरीन जरिया: मधुमक्खी पालन में किसानों की बढ़ती रुचि

बेहतर शहद उत्पादन के लिए फूल वाली फसलों का सुझाव

तकनीकी सहायक डॉ. सचिन ने बताया कि मधुमक्खियों के भोजन (बी फ्लोरा) में पराग और रस होना जरूरी है। उन्होंने किसानों को फूल वाली फसलें लगाने की सलाह दी, जिससे मधुमक्खियां शहद निर्माण में सक्षम हों। अतिरिक्त आमदनी का बेहतरीन जरिया: मधुमक्खी पालन में किसानों की बढ़ती रुचि

वेल्यू एडिशन से बढ़ाएं शहद की कीमत

विभिन्न फसलों जैसे लीची, मोरिंगा और सरसों के फ्लोरा से शहद तैयार कर इसकी कीमत ₹2000-₹2200 प्रति किलो तक बढ़ाई जा सकती है। कृषि महाविद्यालय में शहद की टेस्टिंग और प्रमाणन की सुविधा भी उपलब्ध है। अतिरिक्त आमदनी का बेहतरीन जरिया: मधुमक्खी पालन में किसानों की बढ़ती रुचि

प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण की सुविधा

जो किसान मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण लेना चाहते हैं, वे कृषि विज्ञान केंद्र में पंजीकरण कर सकते हैं। यहां 25 किसानों के बैच को प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे इस व्यवसाय में कुशल बन सकें। अतिरिक्त आमदनी का बेहतरीन जरिया: मधुमक्खी पालन में किसानों की बढ़ती रुचि

Nidar Chhattisgarh Desk

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