LIVE UPDATE
कोरिया

प्रशासनिक अनदेखी का शिकार कोरिया का ‘खजुराहो’: गुमनामी में 6ठी शताब्दी की बौद्ध मूर्तियां, पहचान को तरस रहा ‘जोगीमठ’

प्रशासनिक अनदेखी का शिकार कोरिया का ‘खजुराहो’: गुमनामी में 6ठी शताब्दी की बौद्ध मूर्तियां, पहचान को तरस रहा ‘जोगीमठ’

कोरिया  प्रशासनिक अनदेखी का शिकार कोरिया का ‘खजुराहो, एक तरफ जहां देश-दुनिया में ऐतिहासिक धरोहरों को संजोने के लिए करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं, वहीं छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में 6ठी शताब्दी का एक अनमोल खजाना प्रशासनिक उदासीनता के कारण गुमनामी के अंधेरे में खोया हुआ है। हम बात कर रहे हैं सोनहत के घने जंगलों के बीच छिपे ‘जोगीमठ’ की, जहां भगवान बुद्ध और अन्य देवी-देवताओं की दुर्लभ मूर्तियां आज भी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैं।

यह ऐतिहासिक स्थल, जिसे स्थानीय लोग ‘कोरिया का खजुराहो’ भी कह सकते हैं, अगर सहेजा जाए तो यह न केवल जिले को राष्ट्रीय पहचान दिला सकता है, बल्कि पर्यटन और रोजगार का एक बड़ा केंद्र भी बन सकता है।प्रशासनिक अनदेखी का शिकार कोरिया का ‘खजुराहो

WhatsApp Group Join Now
Facebook Page Follow Now
YouTube Channel Subscribe Now
Telegram Group Follow Now
Instagram Follow Now
Dailyhunt Join Now
Google News Follow Us!

क्या है जोगीमठ का ऐतिहासिक महत्व?

कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर से कुछ ही दूरी पर स्थित जोगीमठ, इतिहास का एक जीवंत अध्याय है।

  • 6ठी शताब्दी की कला: यहां मौजूद मूर्तियां 6ठी शताब्दी की बताई जाती हैं, जो उस काल की कला, संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं का अद्भुत उदाहरण हैं।

  • बौद्ध धर्म का केंद्र: भगवान गौतम बुद्ध की मूर्तियों का मिलना यह दर्शाता है कि यह क्षेत्र कभी बौद्ध धर्म का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा होगा।

  • दुर्लभ प्रतिमाएं: यहां कई ऐसी दुर्लभ प्रतिमाएं हैं जो पुरातत्व और इतिहास के छात्रों के लिए शोध का एक बड़ा विषय हो सकती हैं।

क्यों है यह धरोहर गुमनाम? प्रशासनिक विफलता की कहानी

जोगीमठ की गुमनामी के पीछे प्रशासनिक उपेक्षा और लापरवाही की एक लंबी कहानी है।

  1. प्रचार-प्रसार का अभाव: जिले के अधिकांश लोगों को ही इस ऐतिहासिक स्थल के बारे में नहीं पता, देश-प्रदेश की तो बात ही दूर है।

  2. जंग लगा सूचना बोर्ड: मुख्य मार्ग पर लगा एकमात्र संकेतक बोर्ड भी जंग खाकर मिट चुका है, जिससे यहां तक पहुंचने का रास्ता खोजना भी एक चुनौती है।

  3. सड़क का अभाव: जोगीमठ तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। बरसात के दिनों में यहां पहुंचना लगभग नामुमकिन हो जाता है।

  4. नेताओं के वादे, फिर भी उपेक्षा: प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री स्व. डॉ. रामचंद्र सिंहदेव जैसे बड़े नेता भी यहां का दौरा कर चुके हैं, लेकिन उनके अवलोकन के बाद भी इस स्थल के विकास के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

  5. विकास के नाम पर खानापूर्ति: सालों पहले यहां बाउंड्रीवॉल और एक सांस्कृतिक मंच बनाया गया था, जो आज खुद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।

चरवाहे की कहानी और स्थानीय आस्था

स्थानीय लोगों में इस स्थल को लेकर गहरी आस्था है। एक किंवदंती के अनुसार, जब स्व. डॉ. सिंहदेव (जिन्हें ‘कुमार साहब’ भी कहा जाता था) ने इन मूर्तियों को बैकुंठपुर ले जाने की कोशिश की, तो गाड़ी स्टार्ट ही नहीं हुई। ग्रामीणों के कहने पर जब मूर्तियों को उतारा गया, तभी गाड़ी आगे बढ़ी। यह कहानी इस स्थल की दैवीय शक्ति में लोगों के विश्वास को दर्शाती है।प्रशासनिक अनदेखी का शिकार कोरिया का ‘खजुराहो

अब क्या है जरूरत?

स्थानीय इतिहास प्रेमियों और ग्रामीणों की मांग है कि अब सिर्फ बातें नहीं, बल्कि ठोस कदम उठाए जाएं।

  • राज्य संरक्षित स्मारक घोषित हो: जोगीमठ को तुरंत राज्य संरक्षित स्मारक घोषित किया जाना चाहिए।

  • पुरातत्व विभाग करे संरक्षण: इन अनमोल मूर्तियों के वैज्ञानिक संरक्षण की तत्काल आवश्यकता है।

  • बुनियादी सुविधाएं: यहां तक पक्की सड़क, नए संकेतक बोर्ड, प्रकाश व्यवस्था और पर्यटकों के लिए गाइड जैसी सुविधाएं विकसित की जाएं।

अगर प्रशासन और पुरातत्व विभाग ने समय रहते ध्यान नहीं दिया, तो इतिहास का यह अनमोल पन्ना हमेशा के लिए खो जाएगा, और आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेंगी।प्रशासनिक अनदेखी का शिकार कोरिया का ‘खजुराहो

Nidar Chhattisgarh Desk

देश में तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार वेबसाइट है। जो हिंदी न्यूज साइटों में सबसे अधिक विश्वसनीय, प्रमाणिक और निष्पक्ष समाचार अपने पाठक वर्ग तक पहुंचाती है। इसकी प्रतिबद्ध ऑनलाइन संपादकीय टीम हर रोज विशेष और विस्तृत कंटेंट देती है। हमारी यह साइट 24 घंटे अपडेट होती है, जिससे हर बड़ी घटना तत्काल पाठकों तक पहुंच सके। पाठक भी अपनी रचनाये या आस-पास घटित घटनाये अथवा अन्य प्रकाशन योग्य सामग्री ईमेल पर भेज सकते है, जिन्हें तत्काल प्रकाशित किया जायेगा !

Related Articles

WP Radio
WP Radio
OFFLINE LIVE