
कोरिया:
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में हाथियों का आतंक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। बैकुंठपुर वनमंडल में 11 हाथियों के एक दल ने 65 वर्षीय बुजुर्ग को कुचलकर मार डाला। घटना के बाद से विशुनपुर और आसपास के गांवों में भारी दहशत का माहौल है। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
यह घटना 27 अक्टूबर की रात की है, जब हाथियों का दल जिले की सीमा में प्रवेश करने के बाद भोजन की तलाश में भटक रहा था।
ट्रेन की आवाज से बिदका दल, झोपड़ी पर बोला हमला
बैकुंठपुर वनमंडल के रेंजर अजीत सिंह के मुताबिक, हाथियों का दल विशुनपुर गांव में रेलवे ट्रैक के पास से गुजर रहा था। उसी वक्त वहां से एक ट्रेन गुजरी। ट्रेन की तेज आवाज और कंपन से हाथियों का दल विचलित (Disturbed) हो गया और आक्रामक हो गया।11 के झुंड ने बुजुर्ग को कुचलकर मार डाला, रेलवे ट्रैक के पास हुआ हादसा
घटनास्थल: रेलवे ट्रैक के पास ही 65 वर्षीय फुलसाव पंडों (जाति- पण्डो) अपनी झोपड़ी बनाकर रहते थे।
हमला: बिदके हुए हाथियों ने झोपड़ी पर हमला बोल दिया। फुलसाव ने भागने की कोशिश की, लेकिन हाथियों ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया और कुचलकर मार डाला।
कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया।
परिजनों को मिली फौरी राहत, वन विभाग का अलर्ट
हाथियों के हमले में जान गंवाने वाले फुलसाव के परिजनों को वन विभाग ने तत्काल सहायता राशि प्रदान की है।
रेंजर अजीत सिंह ने बताया कि परिजनों को 25,000 रुपये की नकद राहत राशि दी गई है।
मुआवजे के तौर पर 5,75,000 रुपये की राशि देने के लिए प्रकरण तैयार कर लिया गया है, जो जल्द ही परिजनों को सौंपा जाएगा।
अपील: वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जब तक हाथियों का दल रिहायशी इलाके से दूर नहीं चला जाता, रात के वक्त घरों से बाहर न निकलें और सतर्क रहें।
सूरजपुर में भी हाथियों का कहर: पूर्व उपसरपंच की मौत
हाथियों के आतंक की खबर सिर्फ कोरिया तक सीमित नहीं है। सूरजपुर जिले के रामकेला वन परिक्षेत्र में भी एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है।11 के झुंड ने बुजुर्ग को कुचलकर मार डाला, रेलवे ट्रैक के पास हुआ हादसा
यहां जंगल में जड़ी-बूटी लेने और भटकी हुई गाय को खोजने गए गांव के पूर्व उपसरपंच की हाथियों के हमले में दर्दनाक मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि चार लोग दो बाइक पर सवार होकर जंगल गए थे, तभी हाथियों का झुंड सामने आ गया।
तीन लोग किसी तरह जान बचाकर भाग निकले, लेकिन पूर्व उपसरपंच हाथियों की चपेट में आ गए।
इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में वन विभाग ने गश्त बढ़ा दी है और लोगों को जंगलों की ओर न जाने की सलाह दी जा रही है।









