कंगना रनौत को कोर्ट से नोटिस: आजादी को भीख बताने पर उठे सवाल

मामला क्या है?
दिल्ली: फिल्म अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत एक बार फिर विवादों में फंसती नजर आ रही हैं। जबलपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने कंगना को नोटिस जारी किया है, जो 2021 में दिए गए उनके एक बयान से संबंधित है। इस बयान में उन्होंने 1947 में मिली आजादी को “भीख” बताया था। कंगना रनौत को कोर्ट से नोटिस: आजादी को भीख बताने पर उठे सवाल
बयान पर विवाद
कंगना रनौत के इस बयान से आहत होकर एडवोकेट अमित साहू ने अदालत में परिवाद दायर किया था। उनके अनुसार, कंगना का यह बयान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और बलिदान का अपमान करता है। साहू ने कहा कि आजादी को इस तरह से बताना शर्मनाक है और इसे सही नहीं ठहराया जा सकता। कंगना रनौत को कोर्ट से नोटिस: आजादी को भीख बताने पर उठे सवाल
कोर्ट की कार्रवाई
जबलपुर की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट की न्यायाधीश विश्वेश्वरी मिश्रा ने सोमवार को सुनवाई के दौरान कहा कि कंगना का बयान उचित नहीं है। अदालत ने उन्हें नोटिस जारी करते हुए इस पर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी, जब अदालत तय करेगी कि कंगना के बयान पर आगे क्या कार्रवाई की जाए। कंगना रनौत को कोर्ट से नोटिस: आजादी को भीख बताने पर उठे सवाल
कंगना का पूर्व माफीनामा
हालांकि, कंगना रनौत अपने इस बयान को लेकर पहले ही माफी मांग चुकी हैं, लेकिन यह मामला अब अदालत में पहुंच गया है। कंगना रनौत को कोर्ट से नोटिस: आजादी को भीख बताने पर उठे सवाल



















