
कारगिल योद्धा का आमरण अनशन: टोल प्लाजा ठेकेदार पर 3 करोड़ की ठगी का आरोप, पूर्व गृहमंत्री ने डिप्टी CM को लिखा पत्र, देश की सीमाओं पर कारगिल युद्ध लड़ने वाले एक पूर्व सैनिक अब अपने ही हक़ की लड़ाई लड़ने को मजबूर हैं। मामला छत्तीसगढ़ का है, जहाँ टोल प्लाजा में पार्टनरशिप के नाम पर पूर्व सैनिक प्रेमचंद पांडेय से कथित तौर पर 3 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। न्याय न मिलने से आहत होकर उन्होंने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के क्षेत्रीय कार्यालय के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
पार्टनर बनाने के नाम पर 3 करोड़ का ‘खेल’
मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व सैनिक प्रेमचंद पांडेय ने टोल प्लाजा ठेकेदार विनोद जैन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पांडेय का कहना है कि जशपुर-झारखंड सीमा को जोड़ने वाले लोदाम टोल प्लाजा सहित अन्य राज्यों के टोल नाकों में निवेश और पार्टनर बनाने का झांसा देकर उनसे पैसे लिए गए। उन्होंने विनोद जैन को नकद और चेक के माध्यम से कुल 3 करोड़ रुपये दिए थे। आरोप है कि पैसे लेने के बाद न तो उन्हें पार्टनर बनाया गया और न ही अब उनकी रकम वापस की जा रही है।टोल प्लाजा ठेकेदार पर 3 करोड़ की ठगी का आरोप
NHAI दफ्तर के सामने अनशन: सिस्टम के खिलाफ जंग
ठगी का शिकार होने और पुलिस-प्रशासन से मदद न मिलने के बाद, पांडेय ने सुभाष ब्लॉक से घंटाघर मार्ग पर स्थित विप्र वाटिका के पास, NHAI कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया है।
पूर्व सैनिक ने सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि NHAI के अधिकारियों की नाक के नीचे टोल प्लाजा में भ्रष्टाचार और मनमानी चल रही है। कर्मचारियों का शोषण हो रहा है, और अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मौन हैं। इसी रवैये से तंग आकर उन्हें अनशन का रास्ता चुनना पड़ा।टोल प्लाजा ठेकेदार पर 3 करोड़ की ठगी का आरोप
पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर का मिला साथ
इस मामले ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है। प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने खुद धरना स्थल पर पहुंचकर पीड़ित सैनिक का समर्थन किया। उन्होंने इस मामले में छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा और NHAI के अधिकारियों को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।टोल प्लाजा ठेकेदार पर 3 करोड़ की ठगी का आरोप
‘FIR तक दर्ज नहीं हुई, यह कैसा न्याय?’
पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा, “हमने जिला प्रशासन से शिकायत दर्ज करने को कहा था, लेकिन अब तक FIR भी नहीं लिखी गई है। अगर एक सैनिक के साथ इस तरह की धोखाधड़ी होगी और सुनवाई नहीं होगी, तो प्रदेश में कानून व्यवस्था कैसे सुधरेगी?” उन्होंने स्पष्ट किया कि इस धरने को उनका पूर्ण नैतिक समर्थन है और सरकार को इस भ्रष्टाचार पर लगाम कसनी चाहिए।टोल प्लाजा ठेकेदार पर 3 करोड़ की ठगी का आरोप



















