भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव भगोड़ा घोषित, 15 करोड़ की ठगी का आरोप

रायपुर: भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव भगोड़ा घोषित, 15 करोड़ की ठगी का आरोप.छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी रहे केके श्रीवास्तव को रायपुर पुलिस ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। श्रीवास्तव पर 15 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है और वह लंबे समय से फरार चल रहे हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है।
ठगी का मामला
केके श्रीवास्तव पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली की एक फर्म से सरकारी ठेका दिलाने के नाम पर 15 करोड़ रुपये की ठगी की थी। पुलिस जांच में पता चला है कि श्रीवास्तव ने इस ठगी के लिए पांच अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल किया था, जिनमें कुल 300 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है। इन खातों के मालिक ईडब्ल्यूएस मकानों में रहने वाले लोग बताए जा रहे हैं। मामले की जांच अब आयकर विभाग को सौंप दी गई है। भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव भगोड़ा घोषित, 15 करोड़ की ठगी का आरोप
भूपेश बघेल के बेहद करीबी थे श्रीवास्तव
पुलिस के अनुसार, केके श्रीवास्तव पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके मंत्रियों के काफी करीबी माने जाते थे। उनका सरकार के महत्वपूर्ण फैसलों में भी दखल माना जाता था। श्रीवास्तव की जिम्मेदारी भूपेश बघेल के लिए विशेष पूजा-पाठ करवाने की थी, जिसका उन्होंने फायदा उठाकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया।भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव भगोड़ा घोषित, 15 करोड़ की ठगी का आरोप
कोयला और राखड़ परिवहन कारोबार में दखल
केके श्रीवास्तव ने कोरबा में राखड़ परिवहन के लिए एक कंपनी बनाई थी, जो उद्योगों से निकलने वाली राख का परिवहन करती थी। कोल घोटाले के दौरान उनकी कंपनी भी जांच के दायरे में आ गई थी और ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने उनके व्यवसाय की गहन जांच की थी।भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव भगोड़ा घोषित, 15 करोड़ की ठगी का आरोप
पुलिस का प्रयास
श्रीवास्तव के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाते हुए रायपुर पुलिस ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर 10 हजार रुपये का इनाम रखा है। पुलिस उनके ठिकानों का पता लगाने की कोशिश कर रही है, लेकिन फिलहाल उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव भगोड़ा घोषित, 15 करोड़ की ठगी का आरोप
यह घटना छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और व्यावसायिक हलकों में हलचल मचा रही है। पुलिस और जांच एजेंसियों की नजर अब इस मामले की गहराई में है।



















