Korba News: Korba में Voter List को लेकर बड़ा बवाल! 1500 से ज्यादा मुसलमानो के नाम पर आपत्ति, FIR दर्ज – क्या है ये पूरा मामला?

Korba News: छत्तीसगढ़ के कोरबा (Korba) विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची (Voter List) के रिवीजन को लेकर एक बहुत बड़ी कंट्रोवर्सी सामने आई है. हाल ही में SIR 2026 के सर्वे के बाद दावा-आपत्ति (Claims and Objections) का समय दिया गया था, लेकिन इस दौरान जो हुआ उसने सबको हैरान कर दिया है.
क्या है पूरा मामला? (The Big Controversy)
Korba News: कोरबा विधानसभा में कुल 1566 लोगों के खिलाफ आपत्ति (Objection) दर्ज कराई गई है, ताकि उनका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सके. चौंकाने वाली बात यह है कि इन 1566 नामों में से लगभग 1500 लोग मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. आरोप लगाया जा रहा है कि यह एक सोची-समझी साजिश है जिसके जरिए एक विशेष वर्ग को वोटिंग लिस्ट से बाहर करने की कोशिश की जा रही है.
Key Highlights of the Incident:
Total Objections: 1566 मतदाताओं के खिलाफ शिकायत.
Targeted Group: 1500 से अधिक मुस्लिम नाम शामिल.
Forgery Allegations: जिन लोगों के नाम से आपत्ति दर्ज की गई, उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसी कोई शिकायत नहीं की है.
Legal Action: कोरबा कोतवाली में 5 बड़े नामों ने FIR दर्ज कराई है.
फर्जी हस्ताक्षर और नाम का दुरुपयोग (Misuse of Identity)

Korba News: इस मामले में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब खुद आपत्ति दर्ज करने वाले कथित लोगों ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया. वरिष्ठ भाजपा नेता भागेन्द्र सोनी, शंकर तिवारी, और मो. यासिन समेत 5 लोगों ने कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है.
उनका कहना है कि: “किसी अज्ञात व्यक्ति ने हमारे नाम और फर्जी सिग्नेचर का इस्तेमाल करके निर्वाचन विभाग में आवेदन दिया है. हमने किसी के खिलाफ कोई आपत्ति दर्ज नहीं की है.” इससे यह साफ होता है कि यह पूरी प्रक्रिया फर्जी तरीके से की गई है.
BLO और चुनाव आयोग का क्या कहना है?
Korba News: जब प्रभावित लोगों ने BLO (Booth Level Officer) से संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि उनके पास सारे दस्तावेज सही थे और उन्होंने उसे जमा कर दिया था. हालांकि, इसके बावजूद निर्वाचन आयोग द्वारा 55 पेज की एक लिस्ट जारी की गई है जिसमें नाम विलोपित (Delete) करने का प्रस्ताव है.
जिला निर्वाचन अधिकारी (District Election Officer) ने इस मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि:
“यह कोई फाइनल लिस्ट नहीं है. अभी सिर्फ आपत्तियां आई हैं, जिनकी BLO द्वारा गहन जांच की जाएगी. जांच के बाद ही कोई नाम काटा जाएगा.”
मुस्लिम समाज में आक्रोश: आंदोलन की तैयारी
Korba News: इस घटना के बाद कोरबा के मुस्लिम समाज में काफी गुस्सा देखा जा रहा है. समाज का कहना है कि 2003 के SIR में भी उनके नाम दर्ज थे और उनके पास सभी वैलिड डॉक्युमेंट्स हैं.
विरोध प्रदर्शन की रणनीति:
मौन जुलूस: आगामी दिनों में घंटाघर चौक से कलेक्ट्रेट तक एक ‘मौन जुलूस’ निकाला जाएगा.
बड़ा आंदोलन: अगर फर्जी आपत्तियों को निरस्त नहीं किया गया, तो समाज ने एक बड़े उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है.
लोकतंत्र पर खतरा?
Korba News: वोटर लिस्ट में इस तरह की गड़बड़ी और फर्जी तरीके से नाम कटवाने की कोशिश लोकतंत्र के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करती है. अब देखना यह होगा कि प्रशासन उन ‘अज्ञात’ लोगों पर क्या कार्रवाई करता है जिन्होंने फर्जी सिग्नेचर करके माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है.



















