कमल विहार में ज़मीन घोटाला: सरकारी ज़मीन को निजी बताकर बेचा, पीड़ितों ने की न्याय की मांग

कमल विहार में ज़मीन घोटाला: सरकारी ज़मीन को निजी बताकर बेचा, पीड़ितों ने की न्याय की मांग
✅ मुख्य बिंदु संक्षेप में:-
सरकारी ज़मीन को निजी बताकर बेचा गया
रजिस्ट्री करवाकर लोगों ने बनाए मकान
WhatsApp Group Join NowFacebook Page Follow NowYouTube Channel Subscribe NowTelegram Group Follow NowInstagram Follow NowDailyhunt Join NowGoogle News Follow Us!बिना सूचना के प्रशासन ने की तोड़फोड़
लोगों की सालों की जमा पूंजी बर्बाद
प्रशासन ने कहा – सार्वजनिक रिकॉर्ड में ज़मीन सरकारी थी
पीड़ितों ने न्याय और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कमल विहार (कौशल्या विहार) क्षेत्र में एक बड़े ज़मीन घोटाले का खुलासा हुआ है। सरकारी ज़मीन को निजी संपत्ति बताकर बेचे जाने का मामला सामने आया है, जिससे कई परिवारों की जिंदगी बर्बाद हो गई है। नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में जब मकानों पर बुलडोजर चलाया गया, तब जाकर लोगों को असलियत का पता चला।कमल विहार में ज़मीन घोटाला
? कैसे सामने आया मामला?
कमल विहार में नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी टीम जब शनिवार सुबह कार्रवाई के लिए पहुंची, तब स्थानीय लोगों को पता चला कि जिस ज़मीन पर उन्होंने घर बनाया, वह दरअसल सरकारी ज़मीन थी। जबकि उन्हें यह ज़मीन प्राइवेट बता कर रजिस्ट्री सहित बेची गई थी।कमल विहार में ज़मीन घोटाला
? पीड़ितों की पीड़ा: “हमारी जमा पूंजी उजड़ गई”
पीड़ित महिला मेघा तिवारी ने बताया,
“हमें कोई नोटिस नहीं मिला, सुबह-सुबह जेसीबी आ गई और घर तोड़ दिया गया। हमने यह ज़मीन वैध तरीके से खरीदी थी, रजिस्ट्री भी कराई थी।”
कई लोगों ने अपनी जिंदगी भर की कमाई लगाकर मकान बनवाए थे, कुछ ने तो बैंक से लोन लेकर यह संपत्ति खरीदी थी। अब ये परिवार न सिर्फ बेघर, बल्कि आर्थिक और मानसिक तनाव से भी जूझ रहे हैं।कमल विहार में ज़मीन घोटाला
? प्रशासन की सफाई: “ज़मीन का रिकॉर्ड सार्वजनिक था”
जोन अधिकारी और एसडीएम नंद कुमार चौबे ने बताया कि ज़मीन पर अवैध कब्जे की पुष्टि हो चुकी थी। प्रशासन की ओर से कई बार नोटिस दिए गए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। जिन लोगों के पास घर नहीं है, उन्हें बीएसयूपी योजना के तहत वैकल्पिक स्थान देने की बात कही गई है।कमल विहार में ज़मीन घोटाला
⚖️ पीड़ितों की मांग: धोखेबाज़ों पर दर्ज हो एफआईआर
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से विस्तृत जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जमीन बेचने वाले और रजिस्ट्री कराने वाले दलालों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया जाए। साथ ही जिन अधिकारियों ने लापरवाही बरती, उनकी भी जवाबदेही तय की जाए।कमल विहार में ज़मीन घोटाला
? भविष्य में ठगी से बचने की योजना
प्रशासन ने कहा है कि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ऑनलाइन ज़मीन सत्यापन प्रणाली को और सख्त बनाया जाएगा। साथ ही रियल एस्टेट के दलालों पर नजर रखने के लिए नियमित निरीक्षण और सत्यापन अभियान चलाया जाएगा।कमल विहार में ज़मीन घोटाला



















