लाडली बहनों की लगी लॉटरी! अब 1500 नहीं, सीधे खाते में आएंगे 4500 रुपये? जानें कब खत्म होगा इंतजार

लाडली बहनों की लगी लॉटरी! अब 1500 नहीं, सीधे खाते में आएंगे 4500 रुपये? जानें कब खत्म होगा इंतजार. महाराष्ट्र सरकार की महत्वकांक्षी ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है। अगर आप भी नवंबर महीने की किस्त का इंतजार कर रही हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर हो सकती है। थोड़ी देरी जरूर हुई है, लेकिन अब चर्चा है कि सरकार लाडली बहनों को एक साथ बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है।
क्यों अटक गया नवंबर-दिसंबर का पैसा?
लाडली बहिन योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये मिलते हैं, लेकिन नवंबर की किस्त अभी तक खातों में नहीं पहुंची है। इसका मुख्य कारण राज्य में चल रहे स्थानीय निकाय चुनाव और आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) है।
दरअसल, चुनाव आयोग ने राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। नियमों के मुताबिक, आचार संहिता लागू होने पर सरकार किसी भी योजना का पैसा सीधे ट्रांसफर नहीं कर सकती। यही वजह है कि भुगतान में देरी हो रही है।लाडली बहनों की लगी लॉटरी!
खाते में एक साथ आ सकते हैं 4500 रुपये!
देरी की खबर के बीच एक राहत देने वाली बात भी सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चूंकि नवंबर और दिसंबर की किस्तें चुनाव के कारण रुकी हुई हैं और जनवरी का महीना भी नजदीक है, इसलिए सरकार ये सारा पैसा एक साथ जारी कर सकती है।लाडली बहनों की लगी लॉटरी!
नवंबर: 1500 रुपये
दिसंबर: 1500 रुपये
जनवरी: 1500 रुपये
कुल योग: अगर ये तीनों किस्तें एक साथ मिलीं, तो पात्र महिलाओं के बैंक खाते में सीधे 4,500 रुपये जमा हो सकते हैं। हालांकि, सरकार ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इसकी प्रबल संभावना जताई जा रही है।
अब किस तारीख को मिलेंगे पैसे?
महिलाओं के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर मोबाइल की घंटी कब बजेगी?
चुनाव और मतगणना: महानगरपालिकाओं के लिए मतदान 15 जनवरी और मतगणना 16 जनवरी को होनी है।
आचार संहिता हटने का इंतजार: 16 जनवरी को नतीजे आने के बाद आचार संहिता हट जाएगी।
इसलिए, अब उम्मीद जताई जा रही है कि 17 जनवरी के बाद ही सरकार लाडली बहनों के खातों में पैसे ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। यानी, थोड़ा इंतजार और, लेकिन खुशियों की सौगात बड़ी हो सकती है।लाडली बहनों की लगी लॉटरी!



















