एलपीजी टैंकर सिमी होर्मुज स्ट्रेट पार कर कांडला पोर्ट पहुंचा

मार्शल आइलैंड्स का झंडा लगे टैंकर सिमी ने 20,000 टन एलपीजी लेकर होर्मुज स्ट्रेट पार किया और अब देनदयाल पोर्ट, कांडला पहुंच चुका है। एएनआई ने सबसे पहले यह खबर दी। दुनिया की नजर इस रूट पर टिकी हुई है, फिर भी सिमी बिना किसी घटना के भारत पहुंच गया।एलपीजी टैंकर सिमी होर्मुज स्ट्रेट पार कर कांडला पोर्ट पहुंचा
13 मई को स्ट्रेट पार करते समय पूरा विश्व इसे देख रहा था। ईरान-अमेरिका तनाव के चलते ईंधन सप्लाई लाइनें प्रभावित हैं। सिमी पर 21 क्रू मेंबर्स थे — 8 यूक्रेनी और 13 फिलिपिनो। जहाज सुरक्षित पहुंचा और कार्गो उतरना शुरू हो गया।एलपीजी टैंकर सिमी होर्मुज स्ट्रेट पार कर कांडला पोर्ट पहुंचा
कमर्शियल गैस की कीमत 47% बढ़ी — अब राहत की खबर
होटल, कम्युनिटी किचन, ढाबा, प्रवासी मजदूर और इंडस्ट्रियल यूजर्स पर भारी बोझ पड़ गया था। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 47.8% की बढ़ोतरी हुई। दिल्ली में 19 किलो सिलेंडर अब करीब ₹3,071 का हो गया — सिर्फ एक हाइक में ही ₹993 महंगा।एलपीजी टैंकर सिमी होर्मुज स्ट्रेट पार कर कांडला पोर्ट पहुंचा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में गैस के समझदारी भरे इस्तेमाल की अपील की थी। ठीक उसी वक्त यह खेप पहुंची है। बंदरगाह पर उतरते ही हर किसी ने राहत की सांस ली।
भारत ने यूएई के साथ लॉन्ग-टर्म एलपीजी सप्लाई पर बड़ा समझौता किया
शुक्रवार को भारत और संयुक्त अरब अमीरात ने डिफेंस कोऑपरेशन, लॉन्ग-टर्म एलपीजी सप्लाई, स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व और शिपिंग पर अहम एग्रीमेंट साइन किए। यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कहा कि भारत हमेशा बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान का रास्ता अपनाता है। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने की भारत की वकालत की तारीफ भी की।एलपीजी टैंकर सिमी होर्मुज स्ट्रेट पार कर कांडला पोर्ट पहुंचा
ये समझौते भारत को मजबूत बैकअप देते हैं। खाड़ी रूट पर कोई दिक्कत हो तो भी गैस की सप्लाई बनी रहेगी।
जब टैंकर घाट से लगा तो बंदरगाह पर हर किसी के चेहरे पर राहत दिख रही थी। हफ्तों से महंगाई और कमी का दबाव था। अब रसोई चलेंगी और लागत भी काबू में रहेगी।
— कार्गो उतराई की निगरानी कर रहे अधिकारी
यह खबर क्यों मायने रखती है
भारत अपना बड़ा हिस्सा एलपीजी होर्मुज रूट से आयात करता है। तनाव के चलते सप्लाई प्रभावित हुई और कीमतें आसमान छूने लगीं। सिमी की डिलीवरी और यूएई के साथ नए समझौते दिखाते हैं कि सरकार तेजी से वैकल्पिक रास्ते तलाश रही है।एलपीजी टैंकर सिमी होर्मुज स्ट्रेट पार कर कांडला पोर्ट पहुंचा
अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। और भी जहाज आने वाले हैं, लेकिन हर सुरक्षित पहुंच ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ी जीत है।
कहानी अभी भी आगे बढ़ रही है। सिमी का सुरक्षित आगमन तुरंत राहत दे रहा है और यूएई डील लंबे समय की स्थिरता का वादा कर रही है।









