कोरबा में शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल को 48 घंटे का अल्टीमेटम, क्या अवैध तरीके से चल रहा था संस्थान?

कोरबा: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ‘ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल’ को लेकर उपजे विवाद की आग अब कोरबा जिले तक पहुँच गई है। जिले की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने सख्त रुख अपनाया है। शहर के प्रतिष्ठित निजी स्कूलों में शुमार एक संस्थान को नोटिस जारी कर केवल 48 घंटे के भीतर अपनी वैधानिकता साबित करने के निर्देश दिए गए हैं।कोरबा में शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल को 48 घंटे का अल्टीमेटम, क्या अवैध तरीके से चल रहा था संस्थान?
बिलासपुर विवाद के बाद जागा प्रशासन
कोरबा में शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल को 48 घंटे का अल्टीमेटम, क्या अवैध तरीके से चल रहा था संस्थान?हाल ही में बिलासपुर के ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल में दस्तावेजों और मान्यता को लेकर बड़ी गड़बड़ी सामने आई थी। इस घटना के बाद पूरे प्रदेश का शिक्षा विभाग अलर्ट मोड पर है। इसी कड़ी में कोरबा DEO ने शहर के संबंधित स्कूल को नोटिस थमाया है। विभाग को सूचना मिली थी कि यह स्कूल बिना पुख्ता दस्तावेजों के CBSE बोर्ड के नाम पर संचालित किया जा रहा है।
DEO का कड़ा रुख: 48 घंटे में चाहिए जवाब
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अगले दो दिनों (48 घंटे) के भीतर CBSE बोर्ड से प्राप्त मान्यता के सभी मूल दस्तावेज और संबंधित कागजात कार्यालय में प्रस्तुत करें। यदि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक जवाब या दस्तावेज नहीं मिलते हैं, तो स्कूल के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
अभिभावकों की बढ़ी चिंता: बच्चों के भविष्य का क्या?
कोरबा में शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल को 48 घंटे का अल्टीमेटम, क्या अवैध तरीके से चल रहा था संस्थान?जैसे ही स्कूल को नोटिस मिलने की खबर सार्वजनिक हुई, वहां पढ़ रहे बच्चों के अभिभावकों में हड़कंप मच गया है। पेरेंट्स के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि स्कूल के पास वैध मान्यता नहीं पाई गई, तो उनके बच्चों के पूरे साल की पढ़ाई और भविष्य का क्या होगा? फिलहाल स्कूल प्रबंधन ने इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है, जिससे संदेह और बढ़ गया है।
जांच के दायरे में आ सकते हैं अन्य स्कूल
कोरबा में शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल को 48 घंटे का अल्टीमेटम, क्या अवैध तरीके से चल रहा था संस्थान?सूत्रों की मानें तो यह कार्रवाई केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं रहेगी। शिक्षा विभाग अब उन सभी निजी स्कूलों की सूची तैयार कर रहा है जो अंतरराष्ट्रीय या नेशनल बोर्ड (CBSE/ICSE) के नाम पर भारी-भरकम फीस वसूल रहे हैं, लेकिन मान्यता के मानकों को पूरा नहीं करते। आने वाले दिनों में कई और बड़े स्कूलों पर गाज गिर सकती है।
नोटिस के मुख्य बिंदु:
दस्तावेज की मांग: CBSE बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक मान्यता पत्र।
समय-सीमा: नोटिस मिलने के ठीक 48 घंटे के भीतर।
चेतावनी: लापरवाही या देरी हकोरबा प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई ने शहर के निजी स्कूल संचालकों के बीच हलचल पैदा कर दी है। अब देखना यह होगा कि क्या स्कूल प्रबंधन समय पर सही दस्तावेज पेश कर पाता है या फिर छात्रों के भविष्य पर संकट के बादल मंडराएंगे।



















