
अंबिकापुर: अंबिकापुर में पहचान छिपाकर युवती से धोखाधड़ी: ‘स्वराज’ बनकर जाल बिछाने वाला मोहम्मद महफूज गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से पहचान छिपाकर युवती को प्रेम जाल में फंसाने और धोखाधड़ी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। अंबिकापुर की गांधीनगर पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने हिंदू नाम और फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर एक आदिवासी युवती को अपना शिकार बनाया।
सोशल मीडिया पर ‘स्वराज’ बनकर की दोस्ती
अंबिकापुर में पहचान छिपाकर युवती से धोखाधड़ी: पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बिहार के पटना का रहने वाला आरोपी मोहम्मद महफूज सोशल मीडिया के जरिए युवतियों से संपर्क करता था। उसने फेसबुक पर ‘स्वराज पैकरा कवंर’ के नाम से एक फर्जी प्रोफाइल बनाई थी। इसी नाम का सहारा लेकर उसने अंबिकापुर की एक आदिवासी युवती से दोस्ती की और खुद को हिंदू बताकर उसे अपने प्रेम जाल में फंसा लिया।
फर्जी आधार कार्ड और जाली दस्तावेजों का खेल
अंबिकापुर में पहचान छिपाकर युवती से धोखाधड़ी: धोखाधड़ी को पुख्ता करने के लिए आरोपी ने न केवल अपना नाम बदला, बल्कि फर्जी आधार कार्ड और अन्य जाली दस्तावेज भी तैयार कर लिए थे। उसने अपनी असली पहचान पूरी तरह छिपाकर रखी थी। जब युवती और स्थानीय हिंदू संगठनों को उसकी सच्चाई का पता चला, तो मामले की शिकायत पुलिस से की गई।
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा
अंबिकापुर में पहचान छिपाकर युवती से धोखाधड़ी: शिकायत के बाद हरकत में आई गांधीनगर पुलिस ने आरोपी मोहम्मद महफूज को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने एक चौंकाने वाली बात कबूल की। उसने बताया कि वह इससे पहले भी दो अन्य लड़कियों को अपनी फर्जी पहचान के जरिए इसी तरह धोखा दे चुका है। फिलहाल पुलिस आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
सरगुजा कोर्ट में भी निकाह पर मचा बवाल
अंबिकापुर में पहचान छिपाकर युवती से धोखाधड़ी: इसी दौरान सरगुजा जिला सत्र न्यायालय परिसर में भी भारी हंगामा देखने को मिला। खबर मिली थी कि झारखंड का एक मुस्लिम युवक, लुण्ड्रा क्षेत्र की एक अनुसूचित जाति की युवती से निकाह करने के लिए कोर्ट पहुंचा था। इसकी भनक लगते ही वकील और विभिन्न संगठनों के लोग वहां पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले के बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रस्तावित निकाह को रोक दिया गया।
अंबिकापुर में पहचान छिपाकर युवती से धोखाधड़ी: इन घटनाओं ने सोशल मीडिया पर अजनबियों से दोस्ती करने और पहचान की पुष्टि करने की आवश्यकता पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तत्काल नजदीकी थाने में दें।














