देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में त्रिपुरा के एक 24 वर्षीय छात्र, अंजेल चाकमा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए देहरादून के जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
अंजेल चाकमा मामला: क्या है पूरा विवाद?
त्रिपुरा के रहने वाले छात्र अंजेल चाकमा की देहरादून में हुई मौत के बाद से ही इलाके में तनाव और शोक का माहौल है। शुरुआती रिपोर्टों में इस घटना को एक ‘नस्लीय हमला’ (Racial Attack) बताया गया है। परिजनों और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि छात्र को उसकी पहचान के कारण निशाना बनाया गया, जिसके कारण उसकी जान चली गई।देहरादून में त्रिपुरा के छात्र की मौत पर NHRC सख्त
NHRC ने लिया स्वत: संज्ञान, प्रशासन में हड़कंप
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स और मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पर ‘स्वत: संज्ञान’ (Suo Motu) लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मानवाधिकारों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।देहरादून में त्रिपुरा के छात्र की मौत पर NHRC सख्त
आयोग के मुख्य निर्देश:
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देहरादून के DM और SSP को मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
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प्रशासन को इस पूरे घटनाक्रम पर 7 दिनों के भीतर विस्तृत ‘कार्रवाई रिपोर्ट’ (Action Taken Report) सौंपनी होगी।
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जांच में यह स्पष्ट करना होगा कि क्या यह वास्तव में नस्लीय हमला था और सुरक्षा में कहां चूक हुई।
छात्र सुरक्षा और नस्लीय भेदभाव पर उठे सवाल
इस घटना ने देवभूमि में बाहर से पढ़ने आने वाले छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर भी अंजेल चाकमा के लिए न्याय की मांग उठ रही है। मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप के बाद अब स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर इस मामले की तह तक जाने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का दबाव बढ़ गया है।देहरादून में त्रिपुरा के छात्र की मौत पर NHRC सख्त
क्या होगा अगला कदम?
अगले एक हफ्ते में देहरादून प्रशासन द्वारा सौंपी जाने वाली रिपोर्ट यह तय करेगी कि इस मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी। NHRC खुद इस केस की मॉनिटरिंग कर रहा है, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।देहरादून में त्रिपुरा के छात्र की मौत पर NHRC सख्त