NHRC on Jodhpur Police: Jodhpur News: कविता चौहान सुसाइड केस में NHRC का बड़ा एक्शन; जोधपुर पुलिस कमिश्नर से तलब की विस्तृत रिपोर्ट, जोधपुर में एक महिला की आत्महत्या (Suicide) के मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। National Human Rights Commission (NHRC), नई दिल्ली ने इस मामले में पुलिस की भूमिका पर कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने जोधपुर पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) से इस मामले में एडिशनल जानकारी और स्पष्टीकरण मांगा है।
NHRC on Jodhpur Police: यह पूरी कार्रवाई राष्ट्रीय अपराध जाँच ब्यूरो (भारत) के राज्य जनसंपर्क अधिकारी, सम्पत सिंह राजपुरोहित द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर शुरू हुई है।
क्या है पूरा मामला? (The Background)
NHRC on Jodhpur Police: शिकायत के अनुसार, जोधपुर निवासी कविता चौहान के साथ 30 अप्रैल 2025 को मारपीट और जातिगत दुर्व्यवहार (Caste-based abuse) हुआ था। पीड़िता ने न्याय के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने समय रहते कोई effective action नहीं लिया। पुलिस की इसी कथित निष्क्रियता (Inaction) से आहत होकर पीड़िता ने अंततः आत्महत्या कर ली।
पुलिस की रिपोर्ट और NHRC की आपत्ति
NHRC on Jodhpur Police: जोधपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय ने पहले आयोग को एक रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें बताया गया कि:
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पीड़िता की शिकायत पर FIR No. 104/25 दर्ज की गई थी।
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मौत के बाद परिजनों की रिपोर्ट पर FIR No. 107/25 दर्ज हुई।
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मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक की तलाश जारी है।
NHRC on Jodhpur Police: NHRC का कड़ा रुख: आयोग पुलिस की इस दलील से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। NHRC ने अपनी टिप्पणी में कहा कि पुलिस की रिपोर्ट में उस मुख्य आरोप पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि “पुलिस की ढिलाई के कारण ही पीड़िता को सुसाइड के लिए मजबूर होना पड़ा।”
सम्पत सिंह राजपुरोहित की पैनी नजर

NHRC on Jodhpur Police: राष्ट्रीय अपराध जाँच ब्यूरो (NCIB) के अधिकारी सम्पत सिंह राजपुरोहित इस केस को क्लोजली मॉनिटर कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया है कि जब तक पीड़िता के परिवार को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वे आयोग के निर्देशों के अनुपालन पर नजर बनाए रखेंगे।
अगली सुनवाई और डेडलाइन (Next Hearing)

NHRC on Jodhpur Police: राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने जोधपुर पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे इस मामले में मांगी गई अतिरिक्त रिपोर्ट 01 फरवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। इसके बाद ही आयोग मामले की अगली सुनवाई करेगा और आगे की कार्रवाई तय करेगा।