धान के बीजों की कीमतों में फिर इजाफा, खेती की लागत में 25% तक की बढ़ोतरी

धान के बीजों की कीमतों में फिर इजाफा, खेती की लागत में 25% तक की बढ़ोतरी
? खरीफ सीजन 2025 में महंगा हुआ धान, किसानों की बढ़ी चिंता
छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खरीफ सीजन 2025 आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होने वाला है। धान के बीज (Paddy Seeds) की कीमतों में इस साल भी बढ़ोतरी की गई है, जिससे खेती की लागत में 20 से 25 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। वहीं उड़द के बीज की कीमतों में कटौती कर किसानों को थोड़ी राहत दी गई है।धान के बीजों की कीमतों में फिर इजाफा
? कितनी बढ़ी हैं धान की कीमतें?
राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम ने धान के बीज के दामों में 100 से 150 रुपए प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी की है।
- मोटा धान:
- 2023: ₹2800/क्विंटल
- 2024: ₹3400/क्विंटल
- 2025: ₹3550/क्विंटल
- पतला धान:
- पिछला वर्ष: ₹3900/क्विंटल
- 2025: ₹4030/क्विंटल (₹130 की बढ़ोतरी)
किसानों का कहना है कि बीजों की लगातार बढ़ती कीमतों से लागत में सीधा असर पड़ रहा है और मुनाफा घट रहा है।
? कर्ज की ओर झुकाव, सहकारी समितियों से उम्मीद
नगद में बीज खरीदना अब सभी किसानों के लिए संभव नहीं रह गया है। यही वजह है कि किसान अब सहकारी समितियों द्वारा उपलब्ध शून्य ब्याज दर पर ऋण की ओर रुख कर रहे हैं। कृषि विभाग के उपसंचालक ने बताया कि:
- इस वर्ष 14 तरह के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।
- 10,000 क्विंटल से अधिक बीज का भंडारण 15 मई तक सहकारी समितियों में किया जाएगा।
? उड़द के बीजों की कीमत में राहत
जहां धान के बीज महंगे हुए हैं, वहीं उड़द की कीमतों में 1200 रुपए प्रति क्विंटल की कटौती की गई है।
- 2024: ₹12,500/क्विंटल
- 2025: ₹11,300/क्विंटल
अन्य फसलों के बीज दरें:
- मूंगफली: ₹11,900/क्विंटल
- तिल: ₹19,300/क्विंटल
- रामतिल: ₹13,000/क्विंटल
- ढेंचा: ₹9,900/क्विंटल
- सनई: ₹11,600/क्विंटल
? बीजों की गुणवत्ता पर निगरानी शुरू
कृषि विभाग ने बीजों की गुणवत्ता पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। बीज विकास निगम के गोदामों से सैंपल लेकर रायपुर की सरकारी लैब में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। अब तक करीब 25 सैंपल भेजे जा चुके हैं।धान के बीजों की कीमतों में फिर इजाफा
? महंगी खेती, सस्ता उत्पादन – किसानों की दोहरी मार
इस बार की कीमतों में असंतुलन और खेती की बढ़ती लागत ने किसानों को कर्ज के दबाव में ला दिया है। हालांकि उड़द जैसे वैकल्पिक फसल विकल्पों में थोड़ी राहत नजर आ रही है, लेकिन धान जैसी प्रमुख फसल की लागत में वृद्धि एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।धान के बीजों की कीमतों में फिर इजाफा



















