अवैध कोयला खदान धसकने से दो ग्रामीणों की दर्दनाक मौत, पांच दिन बाद मिली जानकारी

मनेन्द्रगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ जिले के घुटरा इलाके में अवैध कोयला खदान धसकने से दो ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के पांच दिन बाद परिजनों को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
कैसे हुआ हादसा?
धुनेटी नदी के किनारे अवैध कोयला उत्खनन का काम चल रहा था, जहां इंद्रपाल और राजेश नामक दो ग्रामीण कोयला निकालने में जुटे थे। इस दौरान मिट्टी धसकने से दोनों दब गए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
दोनों मृतक घुटरा के अगरियापारा गांव के निवासी थे। 25 मार्च की रात को वे टिफिन लेकर घर से निकले थे, लेकिन फिर कभी लौटकर नहीं आए। गांव के ही मनीष राय नामक व्यक्ति उन्हें लेकर गया था। अवैध कोयला खदान धसकने से दो ग्रामीणों की दर्दनाक मौत, पांच दिन बाद मिली जानकारी
पांच दिन बाद मिला शव, प्रशासन ने किया रेस्क्यू
30 मार्च को दोनों के शव अवैध खदान में मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। सिटी कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर JCB मशीन की मदद से शव निकाला। शव काफी हद तक सड़ चुके थे।
रेस्क्यू ऑपरेशन में एडिशनल एसपी, तहसीलदार और खनिज अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अवैध कोयला खदान धसकने से दो ग्रामीणों की दर्दनाक मौत, पांच दिन बाद मिली जानकारी
अवैध कोयला उत्खनन पर प्रशासन क्यों है लापरवाह?
ग्रामीणों के अनुसार, इस इलाके में लंबे समय से अवैध कोयला खनन चल रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कई बार पुलिस और प्रशासन को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
निकाला गया कोयला पास के ईंट भट्टों में बेचा जाता है। ऐसे खनन के कारण स्थानीय लोगों की जान जोखिम में है, लेकिन प्रशासन की निष्क्रियता के चलते ऐसी घटनाएं लगातार होती रहती हैं। अवैध कोयला खदान धसकने से दो ग्रामीणों की दर्दनाक मौत, पांच दिन बाद मिली जानकारी
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह कोई पहली घटना नहीं है। सरगुजा जिले के उदयपुर थाना क्षेत्र में भी अवैध कोयला खदान में धसकने से दो युवकों की मौत हो चुकी है। वहां भी गहरी खाई में फंसकर मजदूरों की जान गई थी।
ऐसी घटनाएं प्रशासन की लापरवाही और अवैध खनन माफिया के बेखौफ होने का प्रमाण हैं। अगर समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसी और घटनाएं सामने आती रहेंगी। अवैध कोयला खदान धसकने से दो ग्रामीणों की दर्दनाक मौत, पांच दिन बाद मिली जानकारी



















