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रातभर दहशत में लोग उदयपुर के घाटबर्रा का पेंड्रामार जंगल मैदान में तब्दील, माइंस के लिए अडाणी को दी गई है यह जमीन

NCG News Ambikapur :-

सरगुजा के उदयपुर इलाके के घाटबरों के पेंड्रामार जंगल के आसपास के गांवों में सुबह 6 बजे उस समय दहशत मच गई, जब अलग-अलग पुलिस की टीम 15 से अधिक लोगों को उनके पर से उठाकर ले गई। जब लोग घरों से निकले तो पता चला कि पेंड्रामार जंगल के आसपास 450 से अधिक जवान तैनात हैं।उदयपुर के घाटबर्रा का पेंड्रामार जंगल मैदान में तब्दील।

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जब ग्रामीणों ने जंगल के अंदर जाने का प्रयास किया तो उन्हें पुलिस ने घुसने नहीं दिया। इससे ग्रामीण बाहर ही प्रदर्शन करते रहे और इधर 450 जवानों की सुरक्षा में कोल कंपनियों के अधिकारियों ने प्रशासनिक अफसरों को मौजूदगी में सुबह 8 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक 500 आरा मशीन की मदद से पहले दिन 52 हेक्टेयर में लगे पेड़ों को काटकर मैदान में तब्दील कर दिया। दरअसल, सरगुजा जिले के उदयपुर इलाके के ग्राम भाटबर्रा स्थित पेंड्रामार जंगल में कोल माइंस के लिए कुल 91 हेक्टेयर में लगे पेड़ों की कटाई करनी है। कोल माइंस के लिए यह जमीन अडाणी को दी गई है। इनमें से 52 हेक्टेयर में लगे पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग ने अभी अनुमति दी है। राजस्थान विद्युत निगम लिमिटेड और कोल कंपनी के अफसरों ने वन विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पेड़ों की कटाई शुरू कर दी गई है। इसके लिए पेट्रोल से चलने वाली 500 से अधिक आरा मशीनों की मदद ली जा रही है। सुबह आठ बजे से लेकर देर शाम तक पेड़ों की कटाई चलती रही। जहां पेड़ों की कटाई चल रही है, वहां किसी को भी जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।उदयपुर के घाटबर्रा का पेंड्रामार जंगल मैदान में तब्दील।

पेट्रोल से चलने वाली 500 से अधिक आरा मशीनों की मदद ली जा रही है
ऐसे हो रही है पेड़ों की कटाई

24 घंटे पहले ही पहुंच गया था बल

अफसरों का कहना है कि 52 हेक्टेयर में लगे 15307 पेड़ों को काटने चिन्हांकित किया था, जिसे गुरुवार को काटा गया है। इसके बाद बाकी पेड़ों की कटाई को जाएगी। पाटबरों में पेड़ों को काटने वन विभाग ने एक सप्ताह पहले से तैयारी की थी। इसके लिए पुलिस बल उदयपुर क्षेत्र में 24 घंटे पहले हो पहुंच गया था। यहां माइंस और पेड़ कटाई वाले इलाके में आवाजाही पर सुबह होते ही रोक लगा दी गई थी।उदयपुर के घाटबर्रा का पेंड्रामार जंगल मैदान में तब्दील।

पूरे प्रदेश में होगा आंदोलन, ये है दंडनात्मक करवाई

छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के संयोजक मनीष कुंजाम, सुदेश टेकाम, शालिनी मेरा, विजय भाई, रमाकांत बंजार, नंदकुमार कश्यप व आलोक शुक्ला ने कहा प्रदेश की सत्ता में काचिज होते ही भाजपा सरकार ने अपने चहेते कापर्पोरेट संस्थान के लिए संसाधनों को लूट और आदिवासियों के दमन की कार्यवाही शुरू कर दी है। इस दमनात्मक कार्रवाई का कड़े शब्दों में भर्त्सना करते हैं। साथ ही हसदेव के जंगल विनाश पर रोक लगाने की मांग करते हैं। जंगलों की कटाई नहीं रोकी गई तो पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।उदयपुर के घाटबर्रा का पेंड्रामार जंगल मैदान में तब्दील।

गांवों में पुलिस फोर्स तैनात, ताकि विरोध न कर सकें

सुबह हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति के रामलाल करियाम ग्राम हरिहरपुर, जगनंदन पोतें सरपंच ग्राम घाटबर्रा और ठाकुर राम सहित 15 से अधिक आंदोलनकारियों को पुलिस पर से उठाकर ले गई। गांव में पुलिस फोर्स को तैनात कर परसा ईस्ट केते बासेन कोयला खदान के लिए पेड़ों की कटाई शुरू की गई।उदयपुर के घाटबर्रा का पेंड्रामार जंगल मैदान में तब्दील।

गांवों में पुलिस फोर्स तैनात, ताकि विरोध न कर सकें
पेड़ों की कटाई का विरोध करते ग्रामीण

अफसरों का तर्क- पेड़ों की कटाई में व्यवस्था न बिगड़े, इसलिए लोगों को थाने में रखा

पार्ट वर्ग सरपंच जयनंदन, पंचों और ग्रामीणों को पुलिस ने सुबह छह बजे उनके घरों से उठाकर दरिमा थाना से गई। पूरे दिन उन्हें हिरासत में रखा। अफसरों ने कहा उनके खिलाफ पहले से मामले दर्ज थे। इसके कारण पेड़ों की कटाई के दौरान कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए उन्हें हिरासत में लेकर रखा था। उदयपुर के घाटबर्रा का पेंड्रामार जंगल मैदान में तब्दील।

जानिए क्या कहते हैं जिम्मेदार अफसर

91 हेक्टेयर के पेड़ काटने लगेंगे 2 दिनः एसडीएम

उदयपुर के एसडीएम भागीरथी = खांडेय ने बताया कि शासन के आदेश पर फॉरेस्ट विभाग द्वारा करीब 91 हेक्टेयर में लगे पेड़ों की कटाई 500 आरी से की जा रही है। चूंकि जंगल सघन नहीं है, ऐसे में दो दिन में 91 हेक्टेयर के पेड़ काट लिए जाएंगे।उदयपुर के घाटबर्रा का पेंड्रामार जंगल मैदान में तब्दील।

समझाइश देने बुलाया था, नहीं किया गिरफ्तारः एसपी

एसपी सुनील शर्मा ने बताया कि कानून व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े, इसलिए माइंस के आसपास के दो- तीन गांव के लोगों को समझाइश देने के लिए बुलाया था। उन्हें गिरफ्तार नही किया गया और न ही हिरासत में लिया गया है। यहां सुरक्षा के लिहाज से 450 के करीब जवान तैनात किए हैं।उदयपुर के घाटबर्रा का पेंड्रामार जंगल मैदान में तब्दील।

खदान खुलने से 5 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

पेड़ों की कटाई का कुछ लोग विरोध कर रहे थे। उन्हें समझाइश दी है। शांतिपूर्ण तरीके से पेड़ काट रहे हैं। खदान खुलने से करीब पांच हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। 100 बिस्तर का अस्पताल भी बनवाएंगे।उदयपुर के घाटबर्रा का पेंड्रामार जंगल मैदान में तब्दील।

रामप्रसाद जायसवाल, कॉरपोरेट कम्युनिकेटर, अडानी

91 हेक्टेयर पेड़ों की कटाई की मिली है अनुमतिः कलेक्टर

कलेक्टर कुंदन कुमार ने बताया भारत सरकार व कोल मंत्रालय के साथ कोल माइंस के लिए पेड़ों की कटाई करने समीक्षा बैठक हुई थी। इसमें हमारे मुख्य सचिव भी थे। वहां हुए निर्णय के बाद पेड़ों की कटाई शुरू की है।उदयपुर के घाटबर्रा का पेंड्रामार जंगल मैदान में तब्दील।

यह काम पहले होना था, लेकिन आचार संहिता में काम रुका था। कुल 91 हेक्टेयर में पेड़ों की कटाई होनी है। वन विभाग की मांग पर वहां पुलिस बल भेजा था, ताकि हालत न बिगड़े।उदयपुर के घाटबर्रा का पेंड्रामार जंगल मैदान में तब्दील।

Nidar Chhattisgarh Desk

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