शिमला में ‘पुलिस vs पुलिस’: दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच हाई-वोल्टेज ड्रामा, जानें क्या है पूरा विवाद

शिमला, हिमाचल प्रदेश: शिमला में ‘पुलिस vs पुलिस’: दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच हाई-वोल्टेज ड्रामा, जानें क्या है पूरा विवाद, पहाड़ों की रानी शिमला में उस वक्त हड़कंप मच गया जब दो राज्यों की पुलिस आपस में ही भिड़ गईं। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर स्थित शोघी बैरियर पर दिल्ली पुलिस और हिमाचल पुलिस के बीच तीखी बहस और कानूनी खींचतान देखने को मिली। मामला यूथ कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से जुड़ा था, जिसे लेकर दोनों राज्यों के पुलिस अफसर आमने-सामने आ गए।
आधी रात को शोघी बैरियर पर मचा बवाल
दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच हाई-वोल्टेज ड्रामा,घटनाक्रम रात करीब 10 बजे शुरू हुआ जब शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के काफिले को रोक लिया। दिल्ली पुलिस की टीम, एसीपी (ACP) राहुल की अगुवाई में यूथ कांग्रेस के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर ले जा रही थी। शिमला पुलिस ने इस कार्रवाई को अवैध बताते हुए कहा कि नियमों के मुताबिक स्थानीय पुलिस को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी।
“चिल्लाओ मत, कागज दिखाओ!” – जब अफसरों में हुई बहस
दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच हाई-वोल्टेज ड्रामा,हाईवे पर जब घंटों तक गाड़ियाँ रुकी रहीं, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। शिमला के एएसपी (ASP) अभिषेक और दिल्ली के एसीपी के बीच तीखी बहस हुई। शिमला पुलिस का कहना था कि दिल्ली पुलिस के पास गिरफ्तारी से संबंधित पुख्ता दस्तावेज और ट्रांजिट रिमांड नहीं थे। इस दौरान ट्रैफिक जाम से परेशान आम जनता भी भड़क गई और एक नागरिक ने दिल्ली पुलिस के अधिकारी से साफ लहजे में कह दिया— “चिल्लाओ मत, कागज दिखाओ! आपकी वजह से जनता परेशान हो रही है।”
रोहड़ू के रिसॉर्ट से हुई थी नाटकीय गिरफ्तारी
दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच हाई-वोल्टेज ड्रामा,पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब दिल्ली पुलिस की टीम ने बुधवार तड़के शिमला से करीब 120 किमी दूर रोहड़ू के चिड़गांव स्थित एक रिसॉर्ट में छापेमारी की। पुलिस ने भारत मंडपम में एआई समिट के दौरान प्रदर्शन करने वाले उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश निवासी तीन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। पुलिस ने रिसॉर्ट का सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और डीवीआर भी अपने कब्जे में ले लिया।
कोर्ट और मेडिकल का लंबा चला दौर
दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच हाई-वोल्टेज ड्रामा,शिमला पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद मामला जिला अदालत पहुँचा। कानूनी प्रक्रिया के तहत रात करीब 11:30 बजे डीडीयू अस्पताल में आरोपियों का मेडिकल करवाया गया। देर रात करीब 1:30 बजे जज के निवास पर पेशी के बाद दिल्ली पुलिस को आरोपियों का ‘ट्रांजिट रिमांड’ मिला। इसके बाद ही दिल्ली पुलिस की टीम आरोपियों को लेकर आगे रवाना हो सकी।
दिल्ली पुलिस पर अपहरण का मामला दर्ज
दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच हाई-वोल्टेज ड्रामा,इस पूरे प्रकरण में एक नया मोड़ तब आया जब होटल मालिक की शिकायत पर हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस के जवानों के खिलाफ ‘ट्रेसपासिंग’ और ‘किडनैपिंग’ (अपहरण) की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने बिना किसी वारंट या स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बिना रिसॉर्ट में घुसकर कार्रवाई की।
सुक्खू सरकार ने उठाए प्रोटोकॉल पर सवाल
दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच हाई-वोल्टेज ड्रामा,हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने किसी भी प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया। उन्होंने इसे राजनीति से प्रेरित बताते हुए सवाल उठाया कि क्या दिल्ली पुलिस को कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी नहीं थी?



















