इंदौर में सियासी हलचल: सीएम के सामने ही अफसरों पर भड़के कैलाश विजयवर्गीय, बोले- ‘दो साल से तुम्हें झेल रहा हूं’, जानिए भरी बैठक में क्या हुआ? इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक सियासी ड्रामा और विकास कार्यों की चर्चा का केंद्र बन गई। मध्य प्रदेश के कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में ही प्रशासनिक अधिकारियों की जमकर क्लास लगा दी। हालांकि, माहौल हंसी-मजाक का था, लेकिन इसके सियासी मायने गहरे निकाले जा रहे हैं।
‘आपके नाम से डराते थे अफसर’
बैठक शुरू होते ही मंत्री विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री से मुखातिब होते हुए अधिकारियों पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि “सीएम साहब, ये अधिकारी अब तक आपका नाम लेकर हमें डराते थे (चमकाते थे)।” उन्होंने कहा कि जब भी किसी काम की बात होती, अफसर सीएम का हवाला दे देते थे। विजयवर्गीय ने मेट्रो प्रोजेक्ट के अधिकारियों को भी सख्त हिदायत दी कि सीएम के सामने वही प्रजेंटेशन दिखाएं जो उन्हें दिखाया गया था, वरना पोल खुल जाएगी।इंदौर में सियासी हलचल: सीएम के सामने ही अफसरों पर भड़के कैलाश विजयवर्गीय
दो साल का दर्द और ‘फोटो’ वाला तंज
अधिकारियों की कार्यप्रणाली से नाराज विजयवर्गीय का दर्द बैठक में छलक पड़ा। उन्होंने अफसरों को नसीहत देते हुए कहा, “दो साल हो गए हैं मुझे तुम्हें सहते-सहते। तुम लोग कागज पर कुछ और दिखाते हो और हकीकत में करते कुछ और हो।” इतना ही नहीं, जब अधिकारी सीएम का स्वागत कर रहे थे, तब भी विजयवर्गीय ने चुटकी लेते हुए कहा कि फोटो जरूर खिंचवाओ, आजकल फोटो से ही असली सम्मान माना जाता है।इंदौर में सियासी हलचल: सीएम के सामने ही अफसरों पर भड़के कैलाश विजयवर्गीय
सीएम ने दिया सादगी भरा जवाब
दरअसल, यह पूरा वाकया इंदौर के प्रभारी मंत्री के पद को लेकर शुरू हुआ। सीएम मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि “मैं इंदौर का प्रभारी मंत्री नहीं हूं, यह जिला खाली रह गया था, इसलिए मैंने इसे अपने पास रख लिया।” इस पर विजयवर्गीय ने कहा कि अच्छा हुआ आपने यह साफ कर दिया, नहीं तो अफसर इसी बात का फायदा उठा रहे थे।इंदौर में सियासी हलचल: सीएम के सामने ही अफसरों पर भड़के कैलाश विजयवर्गीय
दूसरे की विधानसभा में दखल पर नसीहत
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विजयवर्गीय अक्सर अधिकारियों पर दबाव बनाकर काम कराने के लिए जाने जाते हैं। खबरों के मुताबिक, जब उन्होंने दूसरी विधानसभाओं के मामलों में दखल देना शुरू किया, तो कुछ विधायकों ने भोपाल में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जिस क्षेत्र का विधायक हो, उसी की बात सुनी जाए। इंदौर जिले का प्रभार सीएम के पास होने से विजयवर्गीय अधिकारियों पर सीधा दबाव नहीं बना पा रहे थे।इंदौर में सियासी हलचल: सीएम के सामने ही अफसरों पर भड़के कैलाश विजयवर्गीय
इंदौर को मिली बड़ी सौगातें: मेट्रो और ट्रैफिक प्लान
सियासी नोकझोंक के बीच शहर के विकास को लेकर कई अहम फैसले भी लिए गए:
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ट्रैफिक का नया सर्वे: बीआरटीएस हटने के बाद अब एलिवेटेड कॉरिडोर और ट्रैफिक प्लान के लिए आईआईएम (IIM) और दिल्ली की एजेंसी मिलकर नया सर्वे करेंगी।
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मेट्रो की डेडलाइन: सीएम ने निर्देश दिए हैं कि गांधी नगर से रेडिसन तक मेट्रो का संचालन मार्च तक शुरू किया जाए।
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बायपास पर बड़ी राहत: इंदौर बायपास पर 32 किलोमीटर लंबी 4-लेन सर्विस रोड बनाने को मंजूरी मिल गई है। इससे कॉलोनियों के रहवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। इस प्रोजेक्ट पर करीब 543 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
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हुकुमचंद मिल की जमीन: मिल की जमीन पर एक ऐसा मॉडल प्रोजेक्ट तैयार होगा जो देश के लिए मिसाल बनेगा। इसे अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
श्रीअन्न महोत्सव में पहुंचे सीएम
बैठक के अलावा मुख्यमंत्री ने ग्रामीण हाट बाजार में आयोजित ‘श्रीअन्न (मिलेट्स) फूड फेस्टिवल’ का भी अवलोकन किया। उन्होंने जैविक खेती को बढ़ावा देने वाले किसानों की सराहना की और गौ माता की प्रतिमा के साथ फोटो भी खिंचवाई। सीएम ने इंदौर को आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और स्पोर्ट्स हब बनाने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।इंदौर में सियासी हलचल: सीएम के सामने ही अफसरों पर भड़के कैलाश विजयवर्गीय