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प्रोफेसर अली खान मामला: NHRC ने हरियाणा DGP से मांगी रिपोर्ट, गिरफ्तारी को बताया मानवाधिकार का हनन

प्रोफेसर अली खान मामला: NHRC ने हरियाणा DGP से मांगी रिपोर्ट, गिरफ्तारी को बताया मानवाधिकार का हनन

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने हरियाणा स्थित अशोका विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद की गिरफ्तारी और हिरासत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इसे प्रथम दृष्टया मानवाधिकारों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन मानते हुए हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।प्रोफेसर अली खान मामला

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NHRC का कड़ा रुख: मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप
एनएचआरसी ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया है कि प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद की गिरफ्तारी और हिरासत के संबंध में हालिया समाचार रिपोर्टों का अवलोकन करने के बाद, यह प्रथम दृष्टया उनके मानवाधिकारों और स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन प्रतीत होता है। आयोग के अनुसार, प्रोफेसर की गिरफ्तारी के जो कारण मीडिया में सामने आए हैं, वे चिंताजनक हैं और इस मामले में स्वतः संज्ञान लेना आवश्यक था। इसी आधार पर हरियाणा के डीजीपी को निर्देशित किया गया है कि वे एक सप्ताह के भीतर इस पूरे प्रकरण पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें।प्रोफेसर अली खान मामला

क्या हैं प्रोफेसर अली खान पर आरोप?
गौरतलब है कि प्रोफेसर अली खान पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नामक विषय पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने और भारत की संप्रभुता एवं एकता को ठेस पहुँचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। इन्हीं आरोपों के चलते उन्हें 18 मई को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।प्रोफेसर अली खान मामला

सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत, कड़ी शर्तें लागू
इस बीच, बुधवार को प्रोफेसर अली खान को उच्चतम न्यायालय से अंतरिम जमानत मिल गई है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने जमानत प्रदान करते हुए कुछ कड़ी शर्तें भी लगाई हैं:

  • शब्दों के चयन पर फटकार: सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सोशल मीडिया पोस्ट में प्रयुक्त कुछ शब्दों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और भविष्य में इस तरह की भाषा का प्रयोग न करने की सख्त हिदायत दी।

  • पोस्ट और लेख पर रोक: मामले की जांच पूरी होने तक प्रोफेसर खान पर किसी भी प्रकार की सोशल मीडिया पोस्ट करने या लेख लिखने पर पाबंदी लगा दी गई है।

  • पासपोर्ट जमा करने का आदेश: उन्हें अपना पासपोर्ट भी जमा करने का निर्देश दिया गया है।

  • SIT गठन का निर्देश: इसके अतिरिक्त, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए 24 घंटे के भीतर तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों वाली एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन करने का भी आदेश दिया है।

यह मामला अब कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा, जिसमें NHRC द्वारा मांगी गई रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित SIT की जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।प्रोफेसर अली खान मामला

Nidar Chhattisgarh Desk

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