जेलेंस्की के नाटो सपने पर ट्रंप का मास्टरस्ट्रोक, शांति समझौते की वकालत से पुतिन को मिलेगा फायदा

वाशिंगटन। जेलेंस्की के नाटो सपने पर ट्रंप का मास्टरस्ट्रोक, शांति समझौते की वकालत से पुतिन को मिलेगा फायदा, यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के नाटो में शामिल होने के सपने पर पानी फेरते हुए कहा कि अगर कीव सचमुच रूस संग युद्ध समाप्त करना चाहता है तो उसे नाटो सदस्यता का विचार छोड़ देना चाहिए। ट्रंप ने साफ कहा कि शांति समझौता ही इस युद्ध को खत्म करने का एकमात्र रास्ता है।
ट्रंप ने जेलेंस्की से मुलाकात से पहले अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म *ट्रूथ सोशल* पर लिखा कि अगर कुछ रियायतें दी जाएं तो तीन साल से अधिक समय से चल रहे इस युद्ध को तुरंत खत्म किया जा सकता है। उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल का भी जिक्र किया, जब रूस ने 2014 में क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था।जेलेंस्की के नाटो सपने पर ट्रंप का मास्टरस्ट्रोक
शांति समझौते पर दबाव
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूक्रेन पर दबाव डाला कि वह रूस संग शांति समझौते के लिए आगे आए। माना जा रहा है कि वाशिंगटन में हो रही मुलाकात के दौरान ट्रंप जेलेंस्की पर डोनबास इलाके को छोड़ने का दबाव डाल सकते हैं। यही वजह है कि यूरोप के बड़े नेता और नाटो व EU प्रमुख भी जेलेंस्की के समर्थन में एकजुट होकर अमेरिका पहुंचे हैं।जेलेंस्की के नाटो सपने पर ट्रंप का मास्टरस्ट्रोक
अलास्का समिट के बाद हुई बातचीत
जानकारी के अनुसार, अलास्का समिट के बाद ट्रंप और जेलेंस्की के बीच चर्चा हुई थी। इस दौरान यूक्रेन से कुछ इलाके छोड़ने की बात सामने आई थी। हालांकि, जेलेंस्की ने साफ कहा था कि यूक्रेन संवैधानिक बदलाव के बिना अपनी जमीन नहीं छोड़ सकता। उन्होंने डोनेट्स्क के प्रमुख शहर स्लोवियान्स्क और क्रामाटोर्स्क को रणनीतिक रूप से बेहद अहम बताते हुए कहा कि ये इलाके रूस की आगे बढ़ने की कोशिश को रोकते हैं।जेलेंस्की के नाटो सपने पर ट्रंप का मास्टरस्ट्रोक
साथ ही जेलेंस्की ने भविष्य में रूस की आक्रामकता से बचने के लिए ठोस सुरक्षा गारंटी की भी मांग रखी। उन्होंने कहा कि यूक्रेन एक स्थायी शांति चाहता है, न कि केवल युद्धविराम।जेलेंस्की के नाटो सपने पर ट्रंप का मास्टरस्ट्रोक
रूस के कब्जे में 20 फीसदी इलाका
गौरतलब है कि रूस 2014 से ही डोनेट्स्क क्षेत्र पर काफी हद तक नियंत्रण बनाए हुए है। 2022 में शुरू हुए युद्ध के बाद रूस अब तक यूक्रेन के लगभग 20 फीसदी हिस्से पर कब्जा कर चुका है। डोनेट्स्क में बड़ी संख्या में रूसी मूल की आबादी भी रहती है।जेलेंस्की के नाटो सपने पर ट्रंप का मास्टरस्ट्रोक
ट्रंप ने दावा किया कि वह और पुतिन इस बात पर सहमत हैं कि शांति समझौता बिना किसी पूर्व युद्धविराम के होना चाहिए। उनके मुताबिक, युद्धविराम अक्सर टिकाऊ नहीं होता, इसलिए स्थायी समाधान शांति समझौता ही है।जेलेंस्की के नाटो सपने पर ट्रंप का मास्टरस्ट्रोक
? इस बयान से जहां रूस और पुतिन को कूटनीतिक बढ़त मिल सकती है, वहीं यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों के लिए यह नई चुनौती बनकर उभरा है।



















