हिमांशु गुप्ता की डीजी पदोन्नति पर सवाल: क्या नियमों की अनदेखी हुई?

? हिमांशु गुप्ता की डीजी पदोन्नति पर सवाल: क्या नियमों की अनदेखी हुई?
? पीएम को शिकायत: यूपीएससी को दी गई भ्रामक जानकारी, डीपीसी प्रक्रिया पर उठे सवाल
छत्तीसगढ़: 1994 बैच के आईपीएस हिमांशु गुप्ता की डीजी पद पर पदोन्नति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री को भेजी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) को गुमराह करने के लिए भ्रामक और गलत जानकारी यूपीएससी को भेजी गई।हिमांशु गुप्ता की डीजी पदोन्नति पर सवाल
? वरिष्ठता में गड़बड़ी? एसआरपी कल्लूरी को दरकिनार करने के आरोप
- हिमांशु गुप्ता त्रिपुरा कैडर के आईपीएस रहे हैं, जिन्हें बाद में कैडर ट्रांसफर के तहत मध्यप्रदेश और फिर छत्तीसगढ़ कैडर में स्थानांतरित किया गया।
- नियमों के अनुसार, कैडर ट्रांसफर के बाद किसी अधिकारी की वरिष्ठता सूची में अंतिम स्थान पर प्रविष्टि होती है।
- वहीं, शिवराम प्रसाद कल्लूरी, जो कि 1994 बैच के ही अधिकारी हैं, पहले से ही मध्यप्रदेश की 1995 की वरिष्ठता सूची में दर्ज हैं।
- आरोप है कि हिमांशु गुप्ता को जानबूझकर वरिष्ठ दिखाकर डीजी पद के लिए अनुशंसा की गई, जबकि यह स्थान कल्लूरी को मिलना चाहिए था।
⚖️ डीपीसी को गुमराह करने का आरोप, जीपी सिंह के मामले में भी अनदेखी


- जीपी सिंह (1994 बैच) को न्यायालय के आदेश से सेवा में बहाल किया गया था, लेकिन पदोन्नति प्रक्रिया में उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया।
- नियमों के मुताबिक, डीजी पद को आरक्षित रखकर जीपी सिंह की पदोन्नति की जानी चाहिए थी।
- लेकिन 5 फरवरी 2025 को यह पद हिमांशु गुप्ता को दे दिया गया और पदोन्नति तिथि को पीछे की ओर यानी 2 जुलाई 2024 दर्शाया गया।
?️♂️ गृह विभाग की मिलीभगत का आरोप
- आरोप है कि हिमांशु गुप्ता ने गृह विभाग के अवर सचिव मनोज श्रीवास्तव से मिलकर डीपीसी समिति को गुमराह किया।
- यह भी आरोप है कि 2.7.2024 को डीजी पद के अस्तित्व में होने की झूठी कहानी गढ़ी जा रही है, ताकि पदोन्नति को वैध दिखाया जा सके।हिमांशु गुप्ता की डीजी पदोन्नति पर सवाल
? क्या डीजी पद पर गुप्ता की पदोन्नति नियम विरुद्ध?
- कानून विशेषज्ञों और सेवा नियमों के अनुसार, कैडर ट्रांसफर अफसर की पदोन्नति वरिष्ठता के अनुसार आखिरी पायदान पर होनी चाहिए।
- इसलिए शिवराम प्रसाद कल्लूरी की अनदेखी करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि एक साजिश का हिस्सा भी बताया जा रहा है।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद जीपी सिंह को दरकिनार करना भी कई सवाल खड़े करता है।
? मांगें और संभावित कार्रवाई
- नागरिक संगठनों और सेवा नियम जानकारों ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्रालय से जांच की मांग की है।
- यूपीएससी को गुमराह करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की गई है।
- मांग की गई है कि हिमांशु गुप्ता की डीजी पदोन्नति रद्द कर, शिवराम प्रसाद कल्लूरी और जीपी सिंह को न्याय दिया जाए।
? क्या नियमों की अनदेखी से पदोन्नति मिली? इस मामले में निष्पक्ष जांच जरूरी है।
आप क्या सोचते हैं – क्या यह सेवा नियमों का उल्लंघन है या सत्ता के गलियारों का खेल? ✍️









