रायगढ़ की बेटी सुलक्षणा पंडित का निधन: सुर, सादगी और संवेदनशीलता की प्रतीक अभिनेत्री ने मुंबई में ली अंतिम सांस
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में जन्मी सुलक्षणा पंडित के पिता राजा चक्रधर सिंह के दरबारी कलाकार रहे; 71 वर्ष की उम्र में लंबी बीमारी के बाद हुआ निधन, शुक्रवार को विले पारले में अंतिम संस्कार

मुंबई/रायगढ़। रायगढ़ की बेटी सुलक्षणा पंडित का निधन: सुर, सादगी और संवेदनशीलता की प्रतीक अभिनेत्री ने मुंबई में ली अंतिम सांस, भारतीय सिनेमा जगत की प्रसिद्ध अभिनेत्री और गायिका सुलक्षणा पंडित का 6 नवंबर 2025 की शाम निधन हो गया। 71 वर्षीय सुलक्षणा पिछले लंबे समय से बीमार थीं और हाल ही में उन्हें हार्ट अटैक हुआ था। उन्होंने मुंबई के नानावटी अस्पताल में अंतिम सांस ली। परिवार के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार दोपहर 1 बजे विले पारले (मुंबई) के पवन हंस श्मशान घाट में किया जाएगा। फिल्म जगत के कई दिग्गज कलाकारों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
रायगढ़ की माटी से निकली सुरों की साधिका
12 जुलाई 1954 को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में जन्मी सुलक्षणा पंडित का संगीत और संस्कृति से गहरा नाता रहा। उनके पिता प्रताप नरेन पंडित रायगढ़ दरबार के प्रसिद्ध कलाकार थे और महान संगीतकार पंडित जसराज के छोटे भाई थे। रायगढ़ के राजा चक्रधर सिंह के दरबार से जुड़े उनके परिवार का संगीत और कला से घनिष्ठ संबंध था। परिवार कुछ समय नरियरा गांव (जिसे “छत्तीसगढ़ का वृंदावन” कहा जाता है) में भी रहा, जहाँ संगीत का वातावरण सुलक्षणा के जीवन में गहराई से बस गया।सादगी और संवेदनशीलता की प्रतीक अभिनेत्री ने मुंबई में ली अंतिम सांस
बाद में पंडित जसराज के सुझाव पर परिवार मुंबई चला गया, जहाँ से सुलक्षणा ने अपने अभिनय और गायन के स्वर्णिम सफर की शुरुआत की।सादगी और संवेदनशीलता की प्रतीक अभिनेत्री ने मुंबई में ली अंतिम सांस
अभिनय और गायन दोनों में दिखाया कमाल
सुलक्षणा पंडित ने मात्र 9 वर्ष की उम्र (1967) में संगीत की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने ‘उलझन’, ‘अपनापन’, ‘हेरा फेरी’, ‘संकल्प’, ‘संकोच’, ‘वक्त की दीवार’, ‘धरम कांटा’, ‘खानदान’ और ‘अमानत’ जैसी कई फिल्मों में अपनी मधुर आवाज़ और सादगी भरे अभिनय से दर्शकों का दिल जीता।
उनका नाम 70 और 80 के दशक की लोकप्रिय अभिनेत्रियों और गायिकाओं में शुमार रहा।सादगी और संवेदनशीलता की प्रतीक अभिनेत्री ने मुंबई में ली अंतिम सांस
सुलक्षणा के परिवार में भी संगीत और कला की गहरी परंपरा रही — उनके छोटे भाई जतिन-ललित हिंदी फिल्म संगीत की मशहूर जोड़ी रहे हैं, जबकि बहन विजेता पंडित भी जानी-मानी अभिनेत्री हैं।सादगी और संवेदनशीलता की प्रतीक अभिनेत्री ने मुंबई में ली अंतिम सांस
भारतीय सिनेमा ने खोई एक मधुर आवाज़
सुलक्षणा पंडित का निधन भारतीय संगीत और फिल्म जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। रायगढ़ की यह प्रतिभा न केवल छत्तीसगढ़ का गौरव रही, बल्कि भारतीय सिनेमा में सुर, सादगी और संवेदनशीलता की प्रतीक बनकर हमेशा याद की जाएंगी।सादगी और संवेदनशीलता की प्रतीक अभिनेत्री ने मुंबई में ली अंतिम सांस



















