
Raipur Crime News: रायपुर: 7 महीने बाद ‘सुप्रीम कोर्ट’ के कवच के साथ लौटा हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर, पुलिस ने थाने में 5 घंटे तक दागे सवाल, छत्तीसगढ़ का चर्चित हिस्ट्रीशीटर रोहित सिंह तोमर, जो पिछले 7 महीनों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था, आखिरकार राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती थाने पहुँचा। हालांकि, इस बार उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी क्योंकि उसके पास सुप्रीम कोर्ट से मिला ‘गिरफ्तारी पर स्टे’ (Stay Order) का कानूनी कवच था। पुलिस ने कानून के दायरे में रहकर आरोपी से करीब 5 घंटे तक कड़ी पूछताछ की।
सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत के बाद रायपुर में दस्तक
सुप्रीम कोर्ट’ के कवच के साथ लौटा हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर,रोहित तोमर और उसके भाई वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी तोमर के खिलाफ रायपुर के पुरानी बस्ती और तेलीबांधा सहित कई थानों में गंभीर मामले दर्ज हैं। लंबे समय से फरार चल रहे रोहित को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली, जिसके तहत उसकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। इसी स्टे ऑर्डर के आधार पर पुलिस ने उसे जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा था, जिसके बाद वह अपने वकील के साथ थाने पहुँचा।
5 घंटे की पूछताछ: ब्लैकमेलिंग और सूदखोरी के पैसों का हिसाब
सुप्रीम कोर्ट’ के कवच के साथ लौटा हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर,रविवार को हुई इस पूछताछ के दौरान रायपुर पुलिस ने रोहित तोमर से कई तीखे सवाल पूछे। मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जांच केंद्रित रही:
आर्थिक लेनदेन: सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग के जरिए कमाए गए करोड़ों रुपयों का ट्रांजैक्शन कहाँ और कैसे हुआ?
बैंक खाते: बैंक खातों में जमा भारी भरकम रकम का स्रोत क्या है?
फरारी का ठिकाना: 7 महीने तक वह कहाँ और किन लोगों की मदद से छिपा रहा?
16 संगीन मुकदमे: अपराध की लंबी फेहरिस्त
सुप्रीम कोर्ट’ के कवच के साथ लौटा हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर,रोहित तोमर का आपराधिक रिकॉर्ड काफी पुराना और लंबा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
हत्या का प्रयास
अपहरण और वसूली
ब्लैकमेलिंग
अवैध वसूली और गुंडागर्दी
भाई वीरेंद्र तोमर पहले ही हो चुका है गिरफ्तार
सुप्रीम कोर्ट’ के कवच के साथ लौटा हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर,आपको बता दें कि इस मामले में रोहित का बड़ा भाई वीरेंद्र सिंह तोमर (रूबी तोमर) पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। पुलिस ने उसे ग्वालियर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। रोहित भी तभी से फरार था, लेकिन अब कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेकर वह वापस लौटा है।
क्या अब भी हो सकती है गिरफ्तारी?
सुप्रीम कोर्ट’ के कवच के साथ लौटा हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर,कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने केवल ‘गिरफ्तारी’ पर रोक लगाई है, जांच पर नहीं। पुलिस आरोपी को पूछताछ के लिए बार-बार बुला सकती है। यदि जांच के दौरान पुलिस को नए साक्ष्य मिलते हैं या आरोपी जांच में सहयोग नहीं करता है, तो पुलिस कोर्ट में स्टे हटाने की अपील भी कर सकती है। फिलहाल, रायपुर पुलिस रोहित के बयानों और उसके खातों की बारीकी से जांच कर रही है।



















