सूरजपुर में स्कूल पर लटका ताला: बच्चों को बाहर देख भड़का शिक्षा विभाग, प्रधान पाठक समेत 6 शिक्षकों पर गिरी गाज

सूरजपुर: सूरजपुर में स्कूल पर लटका ताला: बच्चों को बाहर देख भड़का शिक्षा विभाग, प्रधान पाठक समेत 6 शिक्षकों पर गिरी गाज, छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से शिक्षा व्यवस्था की लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। भैयाथान ब्लॉक के सांवारावां स्थित स्कूल में समय पर ताला न खुलने और छात्रों के स्कूल के बाहर सड़क पर बैठे रहने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना का संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
स्कूल समय पर नहीं खुला, गेट के बाहर बैठे रहे मासूम
सूरजपुर में स्कूल पर लटका ताला:जानकारी के मुताबिक, भैयाथान ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले सांवारावां प्राथमिक और माध्यमिक शाला में निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी ताला नहीं खुला था। सुबह स्कूल पहुंचे छात्र-छात्राएं काफी देर तक गेट के बाहर ही बैठे रहे। इस लापरवाही के कारण न केवल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई, बल्कि उन्हें समय पर मिलने वाले मध्यान्ह भोजन (Mid-day Meal) से भी वंचित रहना पड़ा।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मची खलबली
सूरजपुर में स्कूल पर लटका ताला:स्कूल के बाहर बेबस बैठे बच्चों का वीडियो किसी स्थानीय नागरिक ने बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि स्कूल में ताला जड़ा हुआ है और बच्चे अपनी किताबों के साथ बाहर इंतजार कर रहे हैं। वीडियो सामने आते ही जिला शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे, जिसके बाद विभाग तुरंत हरकत में आया।
जिला शिक्षा अधिकारी ने 6 शिक्षकों को थमाया नोटिस
सूरजपुर में स्कूल पर लटका ताला:मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने इसे अनुशासनहीनता और बड़ी लापरवाही माना है। इस संबंध में सांवारावां स्कूल के प्रधान पाठक, संकुल समन्वयक और अन्य शिक्षकों सहित कुल 6 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने इन सभी से स्पष्टीकरण मांगा है कि स्कूल निर्धारित समय पर क्यों नहीं खोला गया।
व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर देना होगा जवाब
सूरजपुर में स्कूल पर लटका ताला:शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में कड़ा रुख अपनाते हुए सभी संबंधित शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे कल शाम 4:30 बजे तक जिला शिक्षा कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों। उन्हें लिखित में यह बताना होगा कि इस अव्यवस्था और लापरवाही के लिए उन्हें जिम्मेदार क्यों न माना जाए। संतोषजनक जवाब न मिलने पर शिक्षकों के खिलाफ निलंबन जैसी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
शिक्षा विभाग की दो टूक: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
सूरजपुर में स्कूल पर लटका ताला:इस घटना के बाद शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बच्चों के भविष्य और उनकी सुविधाओं से खिलवाड़ करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने कहा कि स्कूलों का समय पर संचालन और बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करना शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की कोताही ‘जीरो टॉलरेंस’ की श्रेणी में आएगी।









