फलसुंड तहसील से बड़ी खबर
NCG News desk Jaisalmer:-
जैसलमेर। मानासर पंचायत से पिछले 10 वर्षो का रिकॉर्ड गायब। ग्राम पंचायत मानासर पंचायत समिति भणियाणा का पिछले 2 कार्यकाल,2010 से 2020 तक मतलब पिछले 10 वर्ष का समस्त रिकॉर्ड हैं गायब, ये कहना हैं ग्राम पंचायत के वर्तमान ग्राम विकास अधिकारी का।
जिन्होंने अशोक कुमार जैन की आरटीआई पर राजस्थान सूचना आयोग के “सूचनाएं उपलब्ध कराने” के फैसले के जवाब में अशोक कुमार जैन को लिखित में पत्र लिखकर अवगत कराया हैं कि चाही गई सूचनाएं और उससे संबंधित रिकॉर्ड पंचायत के पास उपलब्ध नहीं हैं और इस पत्र की एक प्रति पंचायत समिति भणियाणा के विकास अधिकारी और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भी दी गई हैं।

इसमें गौर करने वाली बात ये हैं कि जब पंचायत का 10 साल का रिकॉर्ड ही गायब हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों ने रिकॉर्ड गायब होने अथवा गायब करने वालों के विरुद्ध अभी तक कोई कानूनी कार्यवाही क्यों नहीं की हैं? या अधिकारी रिकॉर्ड को गायब करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने में लगे हैं।मानासर पंचायत से पिछले 10 वर्षो का रिकॉर्ड गायब।

गौरतलब हैं कि ग्राम पंचायत मानासर में उक्त 10 वर्षों में एक ही परिवार के सरपंच रहे हैं इनके कार्यकाल में जमकर फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार हुआ था जिसे उजागर करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता अशोक जैन ने आरटीआई के जरिए ग्राम पंचायत का रिकॉर्ड चाहा था और सूचना नहीं मिलने में सूचना आयोग में अपील की । जिस पर आयोग विभिन्न अपीलों में ग्राम पंचायत के तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी पर जुर्माना लगाते हुए सूचनाएं उपलब्ध कराने का आदेश दिया था।
मगर वर्तमान ग्राम विकास अधिकारी ने रिकॉर्ड नहीं होने के अभाव में हाथ तो खड़े कर दिए मगर पूर्व के अधिकारी के विरुद्ध किसी प्रकार की कानूनी कार्यवाही करने पर कोई बात स्पष्ट नही की जिससे लगता हैं कि इनकी भी मिलीभगत हैं अथवा ये पहले के अधिकारी को बचाने की जुगत में लगे हैं।मानासर पंचायत से पिछले 10 वर्षो का रिकॉर्ड गायब।
ज्ञात रहे कि मानासर पंचायत के पूर्व ग्राम विकास अधिकारी और तत्कालीन सरपंचों के विरुद्ध भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़े और गबन को लेकर पुलिस थाना फलसुंड में एक प्रकरण 4 साल से दर्ज हैं जिसमे पत्रावली चालान की स्टेज पर हैं मगर आरोपियों द्वारा कानून का दुर्पयोग करते हुए माननीय उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी पर स्थगन आदेश करवा रखा हैं। प्रकरण में परिवादी द्वारा स्थगन को वेकेंट कराने के प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों पर कानून का शिकंजा कसेगा। साथ ही रिकॉर्ड को गायब करने के संबंध में भी उचित कानूनी कार्यवाही यथा मुकदमा दर्ज कराने या माननीय उच्च न्यायालय की शरण लेने के प्रयास किए जाएंगे।मानासर पंचायत से पिछले 10 वर्षो का रिकॉर्ड गायब।
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