B.Ed छात्रों के लिए ‘रेड अलर्ट’: 80% अटेंडेंस नहीं तो परीक्षा से बाहर! यूनिवर्सिटी का सख्त आदेश, अब नहीं चलेगा कोई ‘जुगाड़’

B.Ed छात्रों के लिए ‘रेड अलर्ट’: 80% अटेंडेंस नहीं तो परीक्षा से बाहर! यूनिवर्सिटी का सख्त आदेश, अब नहीं चलेगा कोई ‘जुगाड़’. अगर आप बी.एड (B.Ed) की पढ़ाई कर रहे हैं और कॉलेज जाने में लापरवाही बरतते हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी झटके से कम नहीं है। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने फरवरी में होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं से पहले सख्त फरमान जारी कर दिया है। अब कम अटेंडेंस वाले छात्रों पर गाज गिरना तय है। यूनिवर्सिटी ने साफ कर दिया है कि 80 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले छात्रों को परीक्षा हॉल में बैठने नहीं दिया जाएगा।
एडमिट कार्ड का सपना छोड़ दें, अब होगी पाई-पाई की जांच
यूनिवर्सिटी प्रशासन इस बार किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है। परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही यूनिवर्सिटी ने सभी बी.एड कॉलेजों से छात्रों की ‘अटेंडेंस शीट’ तलब कर ली है। B.Ed छात्रों के लिए ‘रेड अलर्ट’
यूनिवर्सिटी स्तर पर हर छात्र की हाजिरी का सत्यापन (Verification) किया जाएगा।
जिनकी अटेंडेंस 80% से एक पॉइंट भी कम होगी, उन्हें परीक्षा प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा।
कॉलेज भी नहीं कर पाएंगे कोई ‘सेटिंग’, ऑनलाइन सिस्टम होगा लॉक
अक्सर देखा जाता है कि कॉलेज प्रबंधन छात्रों के फॉर्म फॉरवर्ड कर देते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। B.Ed छात्रों के लिए ‘रेड अलर्ट’
यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया है कि कम उपस्थिति वाले छात्रों के आवेदन कॉलेज ऑनलाइन वेरीफाई ही नहीं कर पाएंगे।
अगर किसी कॉलेज ने फर्जीवाड़ा करके कम अटेंडेंस वाले छात्र का फॉर्म आगे बढ़ाया, तो यूनिवर्सिटी उसे किसी भी स्टेज पर डिस्क्वालिफाई (Disqualify) कर देगी।
साफ शब्दों में कहा गया है- “न कोई सुनवाई होगी, न कोई माफी।” इसकी पूरी जिम्मेदारी कॉलेज और छात्र की खुद की होगी।
बायोमेट्रिक से खुलेगी पोल, फर्जीवाड़े पर नकेल
नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) के नियमों के मुताबिक, बी.एड छात्रों की हाजिरी बायोमेट्रिक मशीन से लगनी चाहिए। लेकिन हकीकत चौंकाने वाली है:
दुर्ग संभाग के करीब 83% कॉलेजों में बायोमेट्रिक मशीनें ही नहीं हैं।
जहाँ मशीनें हैं, वहां डेटा से छेड़छाड़ की खबरें आती हैं।
अब यूनिवर्सिटी ने इसके लिए एक जांच समिति गठित कर दी है। अब तक कॉलेजों द्वारा भेजी गई कागजी अटेंडेंस मान ली जाती थी, लेकिन अब ‘फिजिकल और डिजिटल’ वेरिफिकेशन के बिना बात नहीं बनेगी।
B.Ed में बढ़ा क्रेज, 200% ज्यादा आवेदन
बीते कुछ सालों में टीचिंग लाइन में युवाओं का रुझान तेजी से बढ़ा है। बी.एड कोर्स की डिमांड में लगभग 200 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। B.Ed छात्रों के लिए ‘रेड अलर्ट’
आंकड़ों के मुताबिक, जिले के 32 कॉलेजों की 3,500 सीटों के लिए करीब 1.58 लाख आवेदन आए थे।
भीड़ बढ़ने के साथ ही ‘डमी कैंडिडेट’ बनकर डिग्री लेने वालों की संख्या भी बढ़ी है, जिसे रोकने के लिए अब यह सख्त कदम उठाया गया है।
फरवरी में परीक्षा है, ऐसे में जो छात्र कॉलेज से गायब रहते थे, उनके लिए अब मुसीबत खड़ी हो गई है। B.Ed छात्रों के लिए ‘रेड अलर्ट’



















