Russia-Ukraine War: ट्रंप की ज़ेलेन्स्की को दो टूक- ‘शांति प्रस्ताव मानो या परिणाम भुगतो’, पुतिन ने किया समर्थन
ट्रंप प्रशासन ने पेश किया 28-सूत्री शांति प्रस्ताव; यूक्रेन को छोड़नी होगी नाटो की जिद और कई अहम इलाके, पुतिन ने दी भीषण हमलों की चेतावनी।

वाशिंगटन/कीव: रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 44 महीनों से जारी भीषण युद्ध को रोकने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब एक निर्णायक कदम उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने युद्धविराम के लिए एक ‘शांति प्रस्ताव’ (Peace Proposal) पेश किया है। हालांकि, यह प्रस्ताव यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की के लिए किसी झटके से कम नहीं है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में ज़ेलेन्स्की पर इस प्रस्ताव को स्वीकार करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है, जबकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस योजना का समर्थन किया है।
क्या है ट्रंप का 28-सूत्री शांति फॉर्मूला?
ट्रंप प्रशासन द्वारा तैयार किए गए इस 28-सूत्री प्रस्ताव में कई ऐसी शर्तें हैं जो यूक्रेन की संप्रभुता के लिए समझौता मानी जा रही हैं। इस प्रस्ताव की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
क्षेत्रीय नियंत्रण: यूक्रेन को खेरसन और ज़ापोरिज़िया क्षेत्रों में वर्तमान संघर्ष सीमाओं को स्वीकार करना होगा। इन इलाकों के बड़े हिस्से पर रूस का कब्जा है।
क्रीमिया और डोनबास: 2014 में रूस द्वारा कब्जाया गया क्रीमिया रूस के पास ही रहेगा। इसके अलावा, लुहान्स्क और डोनेट्स्क क्षेत्र भी पूरी तरह रूस को सौंप दिए जाएंगे।
परमाणु ऊर्जा और संसाधन: रूस को डोनेट्स्क में अतिरिक्त हिस्से और ज़ापोरिज़िया परमाणु ऊर्जा संयंत्र के बिजली उत्पादन में हिस्सेदारी मिलेगी।
नाटो सदस्यता: यूक्रेन को नाटो (NATO) में शामिल होने की अपनी महत्वाकांक्षा हमेशा के लिए छोड़नी होगी।
सैन्य सीमा: यूक्रेनी सेना की संख्या को घटाकर अधिकतम 6 लाख सैनिकों तक सीमित करना होगा।
राजनीतिक बदलाव: यूक्रेन को युद्धकालीन मार्शल लॉ हटाना होगा और 100 दिनों के भीतर देश में चुनाव कराने होंगे।
ज़ेलेन्स्की के लिए ‘गले की फांस’ बना प्रस्ताव
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की इस प्रस्ताव से बेहद नाखुश हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने ज़ेलेन्स्की से कहा है कि उन्हें यह प्रस्ताव मानना ही होगा। ज़ेलेन्स्की का मानना है कि यह यूक्रेनी जनता के साथ ‘विश्वासघात’ है।Russia-Ukraine War
इस प्रस्ताव में रूस को न केवल यूक्रेन का बड़ा भू-भाग मिल रहा है, बल्कि उस पर लगे पश्चिमी प्रतिबंध भी हटा लिए जाएंगे। इसके बदले में यूक्रेन को सिर्फ ‘सुरक्षा की गारंटी’ मिलेगी और रूस द्वारा जबरन ले जाए गए यूक्रेनी बच्चों की वापसी होगी। ज़ेलेन्स्की ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी जनता को धोखा नहीं दे सकते, हालांकि यूरोपीय नेता अभी भी ज़ेलेन्स्की के समर्थन में खड़े हैं।Russia-Ukraine War
पुतिन की चेतावनी- प्रस्ताव पर बात करो, वरना…
ट्रंप के इस प्रस्ताव पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही है। पुतिन ने इसे “शांति स्थापना का आधार” बताया है। उन्होंने कहा कि रूस इस योजना से सहमत है।Russia-Ukraine War
इसके साथ ही पुतिन ने यूक्रेन को कड़े शब्दों में चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन का यह सोचना कि वह रूस को युद्ध में हरा सकता है, सिर्फ एक ‘भ्रम’ है। पुतिन ने धमकी दी है कि अगर यूक्रेन ने ट्रंप के शांति प्रस्ताव पर चर्चा नहीं की, तो रूसी सेना यूक्रेन के और अधिक शहरों पर हमला करेगी और नए इलाकों पर कब्जा करने के लिए आगे बढ़ेगी।Russia-Ukraine War
44 महीने बाद भी नहीं थमा युद्ध
24 फरवरी 2022 को शुरू हुए इस युद्ध को अब 44 महीने से ज्यादा का समय हो चुका है। इस संघर्ष में यूक्रेन को जान-माल का भारी नुकसान उठाना पड़ा है और रूसी सेना के भी हजारों सैनिक मारे गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से इस युद्ध को खत्म करने की बात करते रहे हैं, लेकिन उनकी यह नई कोशिश यूक्रेन के अस्तित्व और रूस की विस्तारवादी नीति के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।Russia-Ukraine War
अब पूरी दुनिया की नजरें ज़ेलेन्स्की के अगले कदम पर टिकी हैं—क्या वे अमेरिकी दबाव के आगे झुकेंगे या युद्ध जारी रखेंगे?



















