
PHE विभाग में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) खण्ड अंबिकापुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विभाग में कार्यरत एक स्थानीय ठेकेदार ने बकाया भुगतान में देरी और विभागीय अधिकारियों पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। इस मामले के तूल पकड़ते ही विभाग में हड़कंप मच गया है और आनन-फानन में संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी कर दिया गया है।
जल जीवन मिशन के कार्यों में ‘कमीशन’ का खेल?
मिली जानकारी के अनुसार, ठेकेदार रजनीकांत ने विभाग को सौंपे अपने पत्र में प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ठेकेदार का आरोप है कि जल जीवन मिशन (JJM) के तहत किए गए विकास कार्यों का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है। पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि बिल पास करने के एवज में अग्रिम कमीशन की मांग की जा रही है। इसके अलावा, अधिकारियों पर ब्लैकमेलिंग और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के भी आरोप लगाए गए हैं।
लाखों का भुगतान लंबित, एक साल से चक्कर काट रहा ठेकेदार
PHE विभाग में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, ठेकेदार का दावा है कि उन्होंने कुल 65 लाख रुपये की लागत के विकास कार्य पूरे किए हैं, लेकिन विभाग द्वारा अब तक केवल 22 लाख रुपये का ही भुगतान किया गया है। शेष 43 लाख रुपये की बड़ी राशि पिछले एक साल से लंबित है। ठेकेदार का कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है, जिससे वे आर्थिक तंगी के शिकार हो गए हैं।
PHE कार्यालय के बाहर आत्मदाह की चेतावनी
प्रशासनिक उदासीनता से परेशान होकर ठेकेदार ने कड़ा कदम उठाने का फैसला लिया है। उन्होंने विभागीय पत्र में चेतावनी दी है कि यदि उनके बकाए का भुगतान और समस्याओं का निराकरण जल्द नहीं किया गया, तो वे आगामी 30 मार्च को दोपहर 1 बजे अंबिकापुर स्थित PHE कार्यालय के मुख्य द्वार पर आत्मदाह करेंगे।
विभागीय कार्रवाई: उप अभियंता को कारण बताओ नोटिस
PHE विभाग में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, ठेकेदार की इस गंभीर चेतावनी को देखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता ने मामले में तत्काल संज्ञान लिया है। विभाग ने संबंधित क्षेत्र के उप अभियंता (Sub-Engineer) को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। अधिकारी को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि उप अभियंता का जवाब मिलने के बाद मामले की गहन जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
PHE विभाग में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, यह मामला सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार और लेटलतीफी की ओर इशारा करता है। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन समय रहते ठेकेदार की समस्याओं का समाधान करता है या मामला और उग्र रूप लेगा।



















