SIR Claim-Objection News: मतदाता सूची पुनरीक्षण: रायपुर में नियमों की अनदेखी! राशन कार्ड और आधार दिखाने पर भी लौटाए जा रहे लोग, जानें क्या है पूरा मामला

SIR Claim-Objection News: छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिल रही है। दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू होते ही आम मतदाताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आरोप है कि जोन कार्यालयों में बैठे अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर वैध दस्तावेजों को भी स्वीकार करने से इनकार कर रहे हैं।
आधार और राशन कार्ड भी ‘अमान्य’? अधिकारियों की मनमानी से लोग परेशान
SIR Claim-Objection News: निर्वाचन आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या सुधार के लिए निर्धारित 13 दस्तावेजों में से कोई भी एक मान्य दस्तावेज पर्याप्त है। इसके बावजूद, रायपुर के कई जोन कार्यालयों में मतदाताओं को यह कहकर लौटाया जा रहा है कि उनके पास मौजूद आधार कार्ड या राशन कार्ड मान्य नहीं हैं। इस व्यवहार से उन लोगों में भारी आक्रोश है, जिन्हें विभाग की ओर से पहले ही नोटिस जारी किया गया था।
अजीबोगरीब मांग: अब मांगा जा रहा है 2003 का रिकॉर्ड!
SIR Claim-Objection News: जोन-5 समेत कई अन्य केंद्रों पर स्थिति और भी पेचीदा हो गई है। मतदाता जब अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र लेकर पहुंच रहे हैं, तो अधिकारी उन्हें ‘रिजेक्ट’ कर रहे हैं। हद तो तब हो गई जब कई केंद्रों पर मतदाताओं से साल 2003 की मतदाता सूची में नाम होने का प्रमाण मांगा गया। सवाल यह उठता है कि क्या डिजिटल इंडिया के दौर में 20 साल पुराने कागजों की मांग करना तर्कसंगत है?
5 हजार मतदाताओं को नोटिस, लाखों पर तलवार
SIR Claim-Objection News: प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, रायपुर जिले में अब तक लगभग 5,000 मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है। इनमें से केवल 800 लोगों की ही सुनवाई हो सकी है, जबकि बाकी को कागजी कमियों का हवाला देकर लौटा दिया गया। आने वाले समय में ‘सी’ कैटेगरी के करीब 1 लाख 33 हजार मतदाताओं को नोटिस भेजा जाना है। यदि शुरुआती स्तर पर ही ऐसी अव्यवस्था है, तो आगे चलकर यह प्रक्रिया आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है।
इन 13 दस्तावेजों में से कोई भी ‘एक’ है काफी
SIR Claim-Objection News: अगर आप भी अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाना चाहते हैं या आपको नोटिस मिला है, तो नियमों के मुताबिक इनमें से कोई भी एक दस्तावेज जमा कर सकते हैं:
जन्म प्रमाण पत्र: सक्षम अधिकारी द्वारा जारी।
आधार कार्ड: भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत।
पासपोर्ट: वैध भारतीय पासपोर्ट।
शैक्षणिक प्रमाण पत्र: मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय की अंकसूची (मैट्रिकुलेशन)।
पहचान पत्र: सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी या पीएसयू द्वारा जारी आईडी।
स्थायी निवास प्रमाण पत्र: राज्य सरकार द्वारा जारी।
भूमि/मकान दस्तावेज: सरकार द्वारा जारी आवंटन प्रमाण पत्र।
जाति प्रमाण पत्र: ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग के लिए।
वन अधिकार प्रमाण पत्र: आदिवासियों/वनवासियों के लिए।
पेंशन भुगतान आदेश: सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए।
परिवार रजिस्टर: स्थानीय प्राधिकरण द्वारा तैयार रिकॉर्ड।
जन्म पंजीकरण: विदेश में जन्मे भारतीयों के लिए मिशन द्वारा जारी सर्टिफिकेट।
पुराने आईडी: 01.07.1987 से पहले बैंक, डाकघर या एलआईसी द्वारा जारी पहचान पत्र।
मतदाताओं के लिए जरूरी सलाह
SIR Claim-Objection News: यदि कोई अधिकारी आपके वैध दस्तावेज (जैसे आधार या शैक्षणिक सर्टिफिकेट) लेने से मना करता है, तो आप इसकी शिकायत जिला निर्वाचन कार्यालय या उच्च अधिकारियों से कर सकते हैं। नियमों के तहत आपको केवल एक वैध दस्तावेज देने की जरूरत है, न कि 20 साल पुराने रिकॉर्ड की।



















