राजनांदगांवराजनीति
छत्तीसगढ़ भाजपा में हलचल: डोंगरगढ़ में 100+ कार्यकर्ताओं ने दिया इस्तीफा, जानिए पूरी वजह

छत्तीसगढ़ भाजपा में एक बड़ा विवाद सामने आया है। डोंगरगढ़ इलाके में 100 से ज्यादा पार्टी कार्यकर्ताओं ने एक साथ अपने पद छोड़ दिए हैं। इस खबर ने पार्टी संगठन में खलबली मचा दी है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर माजरा क्या है।
क्या हुआ है पूरा मामला?
- डोंगरगढ़ क्षेत्र में 100 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक साथ इस्तीफा दे दिया
- इस बड़े कदम से जिला संगठन के कामकाज पर सवाल उठने लगे हैं
- पार्टी इसे सिर्फ स्थानीय झगड़ा नहीं बल्कि संगठन की बड़ी चुनौती मान रही है
- प्रदेश स्तर के नेताओं तक यह खबर पहुंच चुकी है और नाराजगी की वजह पता की जा रही है
कार्यकर्ताओं की नाराजगी की वजह क्या है?
इस्तीफा देने वाले कार्यकर्ताओं ने जिला नेतृत्व पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं:
WhatsApp Group Join Now
Facebook Page Follow Now
YouTube Channel Subscribe Now
Telegram Group Follow Now
Instagram Follow Now
Dailyhunt Join Now
Google News Follow Us!
ये खबर भी पढ़ें…

जनजातीय गौरव दिवस के लिए छत्तीसगढ़ भाजपा ने बनाई टीम, नेताम-कश्यप संयोजक
October 27, 2026
छत्तीसगढ़ भाजपा ने जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रमों के लिए संयोजक, सहसंयोजक और सदस्य नियुक्त किए। रामविचार नेताम, केदार कश्यप...
- जिला स्तर पर गुटबाजी और पक्षपात बढ़ने का आरोप
- पुराने और मेहनती कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करने की शिकायत
- कुछ चुनिंदा लोगों को ही तवज्जो देने का आरोप
- संगठन के फैसलों में जमीनी कार्यकर्ताओं की राय न लिए जाने की नाराजगी
प्रदेश नेतृत्व ने क्या कदम उठाए?
मामला बढ़ता देख प्रदेश भाजपा नेतृत्व हरकत में आ गया है:
- जिले के पदाधिकारियों को साफ संदेश दिया गया है कि कार्यकर्ताओं का सम्मान सबसे जरूरी है
- हर बड़ा फैसला कार्यकर्ताओं की राय और स्थानीय हालात को ध्यान में रखकर लेने को कहा गया है
- अगर किसी पदाधिकारी पर मनमानी के आरोप सही निकले तो कार्रवाई की चेतावनी दी गई है
क्या पहले भी उठी थीं ऐसी शिकायतें?
- यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी कई जिलों से इसी तरह की शिकायतें आ चुकी हैं
- प्रदेश कार्यालय में हुए एक विशेष कार्यक्रम में भी कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों पर अनदेखी का आरोप लगाया था
- कई कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा था कि जनता के काम समय पर नहीं हो पाते, जिससे पार्टी की छवि खराब हो रही है
अब आगे क्या होगा?
- पार्टी नहीं चाहती कि यह विवाद आने वाले कार्यक्रमों और चुनावी तैयारियों पर असर डाले
- वरिष्ठ नेताओं ने नाराज कार्यकर्ताओं से बातचीत शुरू कर दी है
- जल्द ही स्थानीय स्तर पर बैठक कर समस्या सुलझाने की कोशिश की जाएगी
क्यों जरूरी है यह मुद्दा?
- राजनीतिक दल की असली ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता ही होते हैं
- कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ने से संगठन और चुनावी रणनीति दोनों कमजोर हो सकते हैं
- इसीलिए पार्टी इसे सिर्फ जिला स्तर का विवाद नहीं, बल्कि अनुशासन और संवाद से जुड़ा अहम मुद्दा मान रही है
ये खबर भी पढ़ें…

दीपावली से पहले मिलावट पर जांच, 15 से ज्यादा सैंपल लैब भेजे
November 3, 2026
दीपावली से पहले डोंगरगढ़ में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मिठाई, रेस्टोरेंट और किराना दुकानों की जांच तेज की। 15...









