Success Story: Meet Dr. Rajaram Tripathi: SBI की नौकरी छोड़ बना ‘Helicopter Farmer’, खेती से सालाना टर्नओवर ₹70 करोड़!

Success Story: From SBI Banker to India’s Richest Farmer. Meet Dr. Rajaram Tripathi: SBI की नौकरी छोड़ बना ‘Helicopter Farmer’, खेती से सालाना टर्नओवर ₹70 करोड़!, आज के दौर में जहां युवा खेती-किसानी छोड़कर शहरों में नौकरी की तलाश कर रहे हैं, वहीं छत्तीसगढ़ के बस्तर के डॉ. राजाराम त्रिपाठी (Dr. Rajaram Tripathi) ने एक ऐसी मिसाल कायम की है जिसे देखकर पूरी दुनिया हैरान है। State Bank of India (SBI) की सुरक्षित और शानदार नौकरी छोड़ने वाले राजाराम आज 70 करोड़ रुपये के टर्नओवर के साथ देश के सबसे सफल किसानों में गिने जाते हैं।
Success Story: उनकी पहचान अब सिर्फ एक किसान की नहीं, बल्कि एक ऐसे ‘High-Tech Farmer’ की है जो अपने खेतों में कीटनाशकों के छिड़काव के लिए Helicopter का इस्तेमाल करते हैं।
जब SBI चेयरमैन ने पूछा- ‘नौकरी क्यों छोड़ रहे हो?’
Success Story: बस्तर जैसे चुनौतीपूर्ण इलाके में जन्मे डॉ. राजाराम का मन हमेशा से मिट्टी से जुड़ा था। दो बार PhD कर चुके राजाराम की नौकरी SBI ग्रामीण बैंक में लगी थी। लेकिन कुछ साल बाद उन्होंने अपने दिल की सुनी और इस्तीफा दे दिया।
Success Story: हैरानी की बात यह है कि उनका इस्तीफा एक साल तक स्वीकार नहीं किया गया। अंत में बैंक के चेयरमैन ने उन्हें बुलाकर पूछा कि वह इतनी अच्छी नौकरी क्यों छोड़ना चाहते हैं? राजाराम का जवाब सीधा था— “जब ऑफिस में रहता हूं, तो दिल खेत में लगा रहता है।” अपनी पत्नी के साथ और अटूट संकल्प के दम पर उन्होंने खेती को अपना करियर बनाया।
‘काला सोना’ और ‘सफेद सोना’ से बदली किस्मत
Success Story: डॉ. राजाराम त्रिपाठी पारंपरिक फसलों जैसे गेहूं-चावल के बजाय उन फसलों पर फोकस करते हैं जिनकी Global Demand बहुत ज्यादा है। वह मुख्य रूप से दो फसलें उगाते हैं:
काली मिर्च (Black Gold): उनकी खास ‘सिलेक्शन प्रोसेस’ से तैयार काली मिर्च केरल की क्वालिटी से भी बेहतर मानी जाती है। यह ₹1200 प्रति किलो तक बिकती है।
सफेद मूसली (White Gold): इसकी कीमत मार्केट में ₹2200 प्रति किलो से भी ज्यादा है।
Success Story: उनकी फसलें आज अमेरिका, जापान और अरब देशों में एक्सपोर्ट (Export) की जाती हैं।
Technology: 700 एकड़ की खेती और अपना हेलीकॉप्टर
Success Story: राजाराम का फार्मिंग मॉडल पूरी तरह आधुनिक है। उन्होंने खेती के लिए कुछ खास तकनीकें अपनाई हैं:
Helicopter Farming: हजारों एकड़ में फैली फसल पर दवा छिड़कने के लिए उन्होंने खुद का हेलीकॉप्टर खरीदा है। वह कहते हैं कि विदेशों में यह आम बात है, तो भारत में क्यों नहीं?
Natural Greenhouse: जहां एक सामान्य पॉलीहाउस बनाने में 40 लाख रुपये खर्च होते हैं, वहीं राजाराम ने मात्र 2 लाख रुपये में ‘नेचुरल ग्रीनहाउस’ मॉडल तैयार किया है।
Australian Acacia: वह ऑस्ट्रेलियन बबूल की खेती भी करते हैं। 2 लाख के निवेश से 10 साल बाद करीब 2-2.5 करोड़ रुपये की लकड़ी प्राप्त होती है।
80,000 किसानों का सहारा: CHAMF
Success Story: अकेले अमीर बनने के बजाय डॉ. राजाराम ने पूरे बस्तर के किसानों की तकदीर बदलने का बीड़ा उठाया। उन्होंने Central Herbal Agro Marketing Federation (CHAMF) की स्थापना की।
Community Farming: इस संगठन से आज 80,000 से ज्यादा जैविक किसान जुड़े हैं।
Market Access: यह ग्रुप किसानों को उनकी फसल का सही दाम दिलाने और बिचौलियों (Middlemen) को खत्म करने में मदद करता है।
Quick Highlights: Dr. Rajaram Tripathi’s Journey
| Feature | Details |
| Education | Double PhD Holder |
| Former Job | SBI Rural Bank Officer |
| Annual Turnover | ₹70 Crore |
| Key Crops | Black Pepper, White Musli, Australian Acacia |
| Unique Asset | Private Helicopter for Farming |
| Awards | 6-time Best Farmer Award (National) |
Conclusion
Success Story: डॉ. राजाराम त्रिपाठी ने साबित कर दिया है कि अगर सही विजन और Modern Technology का इस्तेमाल किया जाए, तो खेती किसी भी कॉर्पोरेट नौकरी से बड़ा बिजनेस बन सकती है। आज वे न केवल 70 करोड़ कमा रहे हैं, बल्कि हजारों किसानों को आत्मनिर्भर (Self-Reliant) बना रहे हैं।



















