शासकीय वर्मा महाविद्यालय की जमीन बिक्री मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 11 खरीदारों को झटका

बिलासपुर: शासकीय वर्मा महाविद्यालय (फुटहा कॉलेज) की करोड़ों रुपये की बहुमूल्य जमीन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। ट्रस्टी कमल बजाज द्वारा अवैध तरीके से जमीन की रजिस्ट्री कर 11 लोगों को बेचने के इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए सरकार और कॉलेज प्रबंधन के पक्ष में आदेश दिया है। शासकीय वर्मा महाविद्यालय की जमीन बिक्री मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 11 खरीदारों को झटका
क्या है मामला?
शासकीय वर्मा महाविद्यालय की करोड़ों रुपये की जमीन को ट्रस्टी कमल बजाज ने गलत तरीके से 11 लोगों के नाम पर रजिस्ट्री कर बेचा था। इस मामले को ट्रस्ट से निकाले गए अतुल बजाज और कॉलेज प्रबंधन ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। शासकीय वर्मा महाविद्यालय की जमीन बिक्री मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 11 खरीदारों को झटका
हाईकोर्ट का फैसला
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस मामले में कॉलेज और राज्य सरकार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए ट्रस्टी कमल बजाज द्वारा की गई सभी रजिस्ट्रियों को अवैध घोषित किया था। इसके साथ ही जमीन को कॉलेज और राज्य सरकार की संपत्ति घोषित कर दिया था। शासकीय वर्मा महाविद्यालय की जमीन बिक्री मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 11 खरीदारों को झटका
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
11 खरीदारों ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया और इसे यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। इस फैसले से 11 खरीदारों को बड़ा झटका लगा है। शासकीय वर्मा महाविद्यालय की जमीन बिक्री मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 11 खरीदारों को झटका



















