Teacher Education News: शिक्षक भर्ती में बड़ा बदलाव: 2030 तक बंद होगा डीएलएड (D.El.Ed) कोर्स, नई शिक्षा नीति के तहत लागू होंगे नए नियम

Teacher Education News: शिक्षक भर्ती में बड़ा बदलाव: 2030 तक बंद होगा डीएलएड (D.El.Ed) कोर्स, नई शिक्षा नीति के तहत लागू होंगे नए नियम, भारत में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खबर है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के कार्यान्वयन के साथ ही अब पारंपरिक डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के स्वरूप में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आने वाले कुछ वर्षों में डीएलएड (D.El.Ed) जैसे डिप्लोमा कोर्स पूरी तरह से बंद कर दिए जाएंगे और उनकी जगह नए एकीकृत (Integrated) डिग्री कोर्स लेंगे।
क्यों बंद हो रहा है डीएलएड (D.El.Ed) पाठ्यक्रम?
Teacher Education News: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अब पृथक डिप्लोमा पाठ्यक्रमों का प्रावधान समाप्त किया जा रहा है। सरकार की योजना के अनुसार, साल 2030 तक डीएलएड को क्रमबद्ध तरीके से बंद करने की तैयारी है। इसका मुख्य कारण शिक्षा के स्तर को अधिक पेशेवर और डिग्री-आधारित बनाना है। नई व्यवस्था में छात्रों को ‘मल्टीपल एग्जिट’ की सुविधा मिलेगी, जिससे अलग से डिप्लोमा कोर्स करने की आवश्यकता नहीं होगी।
बीएड (B.Ed) के साथ ही मिलेगी डिप्लोमा की उपाधि
Teacher Education News: शिक्षा नीति में हुए बदलावों के अनुसार, अब छात्रों को उनकी पढ़ाई के वर्षों के आधार पर सर्टिफिकेट या डिग्री दी जाएगी। यदि कोई छात्र बीएड (B.Ed) की पढ़ाई एक वर्ष के बाद छोड़ता है, तो उसे डीएलएड के समकक्ष उपाधि दे दी जाएगी। इसी कारण से भविष्य में अलग से डीएलएड कोर्स संचालित करने का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। वर्तमान में बीएड की तुलना में डीएलएड सीटों की संख्या कम है, और आने वाले समय में ये सीटें धीरे-धीरे समाप्त हो जाएंगी।
अब ‘प्लेन बीएड’ की जगह ‘इंटीग्रेटेड बीएड’ का जमाना
Teacher Education News: नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजूकेशन (NCTE) अब केवल पारंपरिक बीएड के बजाय एकीकृत पाठ्यक्रमों जैसे BA-B.Ed, BSc-B.Ed और BCom-B.Ed को प्राथमिकता दे रही है। यही वजह है कि पिछले दो वर्षों से कई राज्यों में नए ‘प्लेन बीएड’ कॉलेजों को मान्यता नहीं दी गई है।
Teacher Education News: हालिया आंकड़ों के अनुसार, दर्जनों महाविद्यालयों ने नए बीएड कोर्स शुरू करने के लिए आवेदन किया था, लेकिन NCTE ने कड़े मानकों और नई नीति के कारण इन्हें अनुमति नहीं दी। अगले सत्र के लिए भी आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, जिसमें केवल उन्हीं संस्थानों को वरीयता मिलेगी जो एकीकृत पाठ्यक्रम (Integrated Courses) शुरू करना चाहते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश और वर्तमान स्थिति
Teacher Education News: हालांकि, वर्तमान सत्र में डीएलएड की मांग में तेजी देखी गई है। इसका मुख्य कारण सुप्रीम कोर्ट का वह फैसला है जिसमें प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 1 से 5 तक) बनने के लिए डीएलएड को अनिवार्य बताया गया था। लेकिन दीर्घकालिक योजना को देखें तो यह केवल एक संक्रमण काल है, क्योंकि अंततः सभी शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को डिग्री आधारित बनाया जाना है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
Teacher Education News: शिक्षा जगत के विशेषज्ञों और निजी कॉलेज संघों का मानना है कि यह बदलाव अचानक नहीं बल्कि धीरे-धीरे (Phase-wise) लागू किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षकों की योग्यता के साथ-साथ उनके प्रशिक्षण की गुणवत्ता को भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है।



















