कोरबा शिक्षा विभाग में बड़ा सवाल: कलेक्टर के आदेश को धता बताकर शिक्षक का अटैचमेंट, जानिए पूरा मामला

कोरबा शिक्षा विभाग में बड़ा सवाल: कलेक्टर के आदेश को धता बताकर शिक्षक का अटैचमेंट, जानिए पूरा मामला
मुख्य बिंदु:
कोरबा शिक्षा विभाग में नियमों की अनदेखी का गंभीर मामला सामने आया है।
WhatsApp Group Join NowFacebook Page Follow NowYouTube Channel Subscribe NowTelegram Group Follow NowInstagram Follow NowDailyhunt Join NowGoogle News Follow Us!कलेक्टर और शिक्षा सचिव के आदेशों को दरकिनार कर एक शिक्षक का अटैचमेंट कर दिया गया।
कुछ दिन पहले ही युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षक को दूरस्थ गाँव में पदस्थ किया गया था।
मामले में राजनीतिक रसूख के इस्तेमाल की भी आशंका जताई जा रही है।
कोरबा, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले का शिक्षा विभाग एक बार फिर सुर्खियों में है। यहाँ नियमों और उच्च अधिकारियों के आदेशों को ताक पर रखकर एक शिक्षक का अटैचमेंट कर दिया गया है। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि कुछ ही दिन पहले कलेक्टर के आदेश पर युक्तियुक्तकरण (Rationalization) प्रक्रिया के तहत उसी शिक्षक को एक दूरस्थ स्कूल में भेजा गया था। इस पूरे घटनाक्रम ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।कलेक्टर के आदेश को धता बताकर शिक्षक का अटैचमेंट
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, शिक्षक कमल सिंह कंवर का तबादला कुछ समय पहले ही युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत प्राथमिक शाला, बरपानी में किया गया था। बरपानी जिले के सबसे दूरस्थ गाँवों में से एक है। इस पदस्थापना का जिक्र खुद कोरबा कलेक्टर ने एक पत्रकार वार्ता के दौरान किया था। उन्होंने इसे एक सफलता बताते हुए कहा था कि जिले के अंतिम छोर के गाँवों तक शिक्षकों की पदस्थापना सुनिश्चित की गई है।कलेक्टर के आदेश को धता बताकर शिक्षक का अटैचमेंट
कलेक्टर के आदेश की खुली अवहेलना
कलेक्टर के इस बयान के कुछ ही दिनों बाद, कोरबा विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के निर्देश पर एक चौंकाने वाला आदेश जारी कर दिया। इस आदेश के तहत शिक्षक कमल सिंह कंवर को उनके मूल पदस्थापना स्थल (प्राथमिक शाला, बरपानी) से हटाकर बालक छात्रावास अधीक्षक, कोरकोमा में अटैच कर दिया गया। सबसे बड़ी बात यह है कि यह पूरा अटैचमेंट बिना कलेक्टर के अनुमोदन के किया गया, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है।कलेक्टर के आदेश को धता बताकर शिक्षक का अटैचमेंट
राजनीतिक रसूख का लग रहा आरोप
इस मामले में राजनीतिक प्रभाव के इस्तेमाल की भी चर्चा जोर पकड़ रही है। बताया जा रहा है कि शिक्षक कमल सिंह कंवर एक जिला पंचायत सदस्य के पति हैं। इसी वजह से यह सवाल उठ रहा है कि क्या राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करके नियमों को दरकिनार करते हुए यह अटैचमेंट करवाया गया है?कलेक्टर के आदेश को धता बताकर शिक्षक का अटैचमेंट
नियमों को रखा गया ताक पर
यह मामला शासन के उन स्पष्ट निर्देशों की भी अवहेलना है, जिनके अनुसार शिक्षकों का किसी भी अन्य संस्था में अटैचमेंट प्रतिबंधित है। विशेष और अपरिहार्य परिस्थितियों में यदि अटैचमेंट आवश्यक हो भी, तो उसके लिए कलेक्टर से लिखित अनुमोदन लेना अनिवार्य होता है। इस मामले में इन दोनों ही प्रमुख नियमों को नजरअंदाज कर दिया गया। यह घटना कोरबा शिक्षा विभाग में चल रही मनमानी को उजागर करती है और यह सवाल खड़ा करती है कि क्या अधिकारियों के लिए शासन के नियम और कलेक्टर के आदेश कोई मायने नहीं रखते?कलेक्टर के आदेश को धता बताकर शिक्षक का अटैचमेंट
अब देखना यह होगा कि क्या जिला प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेता है और नियमों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या नहीं।कलेक्टर के आदेश को धता बताकर शिक्षक का अटैचमेंट



















