चेहरे पर ‘बिजली का झटका’ देती है यह खतरनाक बीमारी, जानें क्यों कहते हैं इसे ‘सुसाइड डिजीज’

चेहरे पर ‘बिजली का झटका’ देती है यह खतरनाक बीमारी, जानें क्यों कहते हैं इसे ‘सुसाइड डिजीज’
मुख्य बातें:
ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया नामक बीमारी में चेहरे पर अचानक करंट लगने जैसा असहनीय दर्द होता है।
WhatsApp Group Join NowFacebook Page Follow NowYouTube Channel Subscribe NowTelegram Group Follow NowInstagram Follow NowDailyhunt Join NowGoogle News Follow Us!यह दर्द इतना तीव्र होता है कि मरीज डिप्रेशन में चला जाता है, जिसके कारण इसे ‘सुसाइड डिजीज’ भी कहा जाता है।
पहले यह बीमारी बुजुर्गों में आम थी, लेकिन अब युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं।
रायपुर: चेहरे पर ‘बिजली का झटका’ देती है यह खतरनाक बीमारी, क्या आपने कभी चेहरे पर अचानक बिजली का करंट लगने जैसा दर्द महसूस किया है? अगर हां, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह ‘ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया’ नामक एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी का लक्षण हो सकता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें दर्द इतना असहनीय होता है कि मरीज के लिए खाना, बोलना, या ब्रश करना भी दूभर हो जाता है। छत्तीसगढ़ के अस्पतालों में इस बीमारी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, और चिंता की बात यह है कि अब युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं।
क्या है ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया?
न्यूरोलॉजिस्ट के अनुसार, हमारे चेहरे में तीन मुख्य नसें (ट्राइजेमिनल नर्व) होती हैं, जो माथे, गाल और जबड़े तक फैली होती हैं। जब इनमें से किसी एक नस पर कोई रक्त वाहिका (Blood Vessel) दबाव डालती है या नस की सुरक्षा परत को नुकसान पहुंचता है, तो यह बीमारी होती है। इसके कारण चेहरे के एक हिस्से में अचानक तेज, चुभने वाला और बिजली के झटके जैसा दर्द उठता है जो कुछ सेकंड से लेकर कुछ मिनट तक बना रह सकता है।चेहरे पर ‘बिजली का झटका’ देती है यह खतरनाक बीमारी
क्यों कहा जाता है ‘सुसाइड डिजीज’?
इस बीमारी का दर्द इतना भयानक और अप्रत्याशित होता है कि यह मरीज को मानसिक रूप से तोड़ देता है। मरीज दर्द के डर से खाना-पीना और बात करना तक छोड़ देता है। यह स्थिति अक्सर गंभीर डिप्रेशन को जन्म देती है, और दुनिया भर में कई मामलों में मरीजों ने आत्महत्या तक कर ली है। इसी वजह से मेडिकल की भाषा में इसे ‘सुसाइड डिजीज’ के नाम से भी जाना जाता है।चेहरे पर ‘बिजली का झटका’ देती है यह खतरनाक बीमारी
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
चेहरे के एक तरफ अचानक बिजली के करंट जैसा तेज दर्द होना।
खाना चबाने, ब्रश करने, बोलने, या चेहरे पर हवा लगने से भी दर्द का शुरू हो जाना।
दर्द का दौरा कुछ सेकंड से लेकर 2-3 मिनट तक रहना और दिन में कई बार होना।
दवा से लेकर सर्जरी तक हैं इलाज के विकल्प
शुरुआती चरण में इस बीमारी को एंटी-कन्वल्सेंट दवाओं से नियंत्रित किया जा सकता है। लेकिन जब दवाएं काम करना बंद कर देती हैं, तो अन्य प्रक्रियाओं का सहारा लिया जाता है।चेहरे पर ‘बिजली का झटका’ देती है यह खतरनाक बीमारी
रेडियो फ्रीक्वेंसी एबलेशन (RFA): यह एक आधुनिक तकनीक है जिसमें एक विशेष सुई के जरिए रेडियो तरंगों से दर्द पैदा करने वाली नस को निष्क्रिय कर दिया जाता है। इससे मरीज को तत्काल राहत मिलती है।
माइक्रोवैस्कुलर डीकंप्रेशन (MVD): जब कोई भी इलाज काम नहीं करता, तो ब्रेन सर्जरी का विकल्प अपनाया जाता है। इस सर्जरी में डॉक्टर उस रक्त वाहिका को नस से हटा देते हैं जो उस पर दबाव डाल रही होती है।
अगर आप या आपके किसी परिचित में ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत किसी न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें। सही समय पर जांच और इलाज से इस दर्दनाक बीमारी पर काबू पाया जा सकता है।चेहरे पर ‘बिजली का झटका’ देती है यह खतरनाक बीमारी



















