बलौदाबाजार में शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल: स्कूल खुले पर शिक्षक गायब, BEO के औचक छापे में कई नपे!

बलौदाबाजार में शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल: स्कूल खुले पर शिक्षक गायब, BEO के औचक छापे में कई नपे!
बलौदाबाजार में शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल,नया शिक्षा सत्र शुरू हुए अभी दस दिन भी नहीं हुए, और बलौदाबाजार जिले की सरकारी स्कूलों में लापरवाही की तस्वीरें सामने आने लगी हैं। एक तरफ जहां छात्र किताबों का इंतजार कर रहे हैं, वहीं शिक्षक और प्रधान पाठक स्कूलों से नदारद मिल रहे हैं। शिक्षा विभाग की इस लचर व्यवस्था पर अब अधिकारियों ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है, जिसके चलते कई शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।बलौदाबाजार में शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल
औचक निरीक्षण में सामने आई बड़ी लापरवाही
गुरुवार को जब विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) राजेंद्र टंडन और सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी (ABEO) कैलाश कुमार साहू ने औचक निरीक्षण किया, तो कई स्कूलों की हकीकत सामने आ गई।
शासकीय प्राथमिक शाला, मुंडा: सुबह 10:15 बजे हुए निरीक्षण में 4 शिक्षक देर से पहुंचे। वहीं, प्रधान पाठक और एक अन्य शिक्षक तो पिछले दिन से ही अनुपस्थित पाए गए।
इन शिक्षकों पर हुई कार्रवाई: सभी लापरवाह शिक्षकों और प्रधान पाठक को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
यह सवाल उठना लाजिमी है कि अगर सत्र की शुरुआत में ही यह हाल है, तो जिले में शिक्षा का स्तर कैसे सुधरेगा?बलौदाबाजार में शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल
लापरवाही की लंबी लिस्ट: सिर्फ देर से आना ही नहीं है मुद्दा
शिक्षकों की लेटलतीफी के अलावा भी स्कूलों में कई गंभीर समस्याएं पाई गईं, जो सीधे-सीधे बच्चों के भविष्य से जुड़ी हैं:
किताबों का इंतजार: कई स्कूलों में अब तक बुक स्कैनिंग का काम पूरा नहीं हुआ है, जिस वजह से छात्रों को नई किताबें नहीं मिल पाई हैं।
अटकी पड़ी हैं पूरक परीक्षाएं: जिले में 5वीं और 8वीं कक्षा की पूरक परीक्षाएं भी अब तक आयोजित नहीं की जा सकी हैं, जिससे छात्रों में असमंजस की स्थिति है।
मध्याह्न भोजन में गंदगी: भालुकोना और मुंडा के स्कूलों में किचन गंदा पाया गया और मेनू भी नहीं लिखा हुआ था। इस पर संबंधित संस्था प्रमुख और संचालनकर्ता समूह को भी स्पष्टीकरण जारी किया गया है।
BEO ने जारी किए कड़े निर्देश, अब नहीं चलेगी लापरवाही
निरीक्षण के दौरान मिली खामियों के बाद BEO ने सभी शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए हैं:
दो दिन में किताबें बांटें: बुक स्कैनिंग का काम मिशन मोड में पूरा कर अगले दो दिनों के भीतर सभी बच्चों को किताबें वितरित की जाएं।
शिक्षक डायरी अनिवार्य: सभी शिक्षकों को स्कूल में निर्धारित समय पर उपस्थित होने और प्रतिदिन शिक्षक डायरी बनाने का निर्देश दिया गया है।
साफ-सफाई पर जोर: मध्याह्न भोजन कक्ष में साफ-सफाई रखने और गुणवत्तापूर्ण भोजन बनाने की सख्त हिदायत दी गई है।
अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि स्कूलों का निरीक्षण अब लगातार जारी रहेगा और अपने कर्तव्यों का पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।बलौदाबाजार में शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल



















