630 करोड़ का घोटाला: विवेक ढांड समेत कई रिटायर्ड अफसरों पर शिकंजा

घोटाले की शुरुआत और गंभीर आरोप
बिलासपुर, छत्तीसगढ़: राज्य के आईएएस और राज्य सेवा संवर्ग के अफसरों द्वारा राज्य स्रोत नि:शक्तजन स्रोत संस्थान के नाम पर बड़े पैमाने पर 630 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया है। मामले को उजागर करते हुए संस्थान के एक कर्मचारी, कुंदन सिंह, ने जनहित याचिका दायर की है। 630 करोड़ का घोटाला: विवेक ढांड समेत कई रिटायर्ड अफसरों पर शिकंजा
सीबीआई जांच पर रोक, सुप्रीम कोर्ट का स्थगन आदेश जारी
हाई कोर्ट द्वारा मामले की जांच के लिए सीबीआई को सौंपा गया, लेकिन तत्कालीक प्रभावशाली अफसरों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी, जिसके बाद सीबीआई जांच पर रोक लग गई। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को मामले की सुनवाई का अधिकार दिया, जिससे मामला पुनः सक्रिय हो गया है। 630 करोड़ का घोटाला: विवेक ढांड समेत कई रिटायर्ड अफसरों पर शिकंजा
हाई कोर्ट की फाइनल हियरिंग: अफसरों को नोटिस जारी
जनहित याचिका पर हाई कोर्ट में फाइनल सुनवाई जारी है। हाई कोर्ट ने उन अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है, जिन्होंने खुद को इस घोटाले में निर्दोष बताया है। सरकार से इन अफसरों की सूची भी मांगी गई है। 630 करोड़ का घोटाला: विवेक ढांड समेत कई रिटायर्ड अफसरों पर शिकंजा
याचिकाकर्ता का आरोप: एक हजार करोड़ से अधिक की हेराफेरी
याचिकाकर्ता कुंदन सिंह ठाकुर के अनुसार, यह घोटाला 630 करोड़ से अधिक का है। आरोपों के अनुसार, राज्य स्रोत नि:शक्तजन संस्थान के नाम पर कई फर्जी दस्तावेजों और अकाउंट्स के माध्यम से सरकारी धन का गलत तरीके से आहरण किया गया। 630 करोड़ का घोटाला: विवेक ढांड समेत कई रिटायर्ड अफसरों पर शिकंजा
शामिल अफसरों की सूची: जानें कौन-कौन फंसा है
याचिका में पूर्व सरकार के दौरान के 6 आईएएस अफसरों – आलोक शुक्ला, विवेक ढांड, एमके राउत, सुनील कुजूर, बीएल अग्रवाल और पीपी सोती, तथा राज्य सेवा संवर्ग के राजेश तिवारी, अशोक तिवारी, हरमन खलखो, एमएल पांडेय और पंकज वर्मा के नाम शामिल हैं। इन पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी आधार कार्ड के जरिए बैंक अकाउंट खोलकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया। 630 करोड़ का घोटाला: विवेक ढांड समेत कई रिटायर्ड अफसरों पर शिकंजा



















