बच्चों की सुरक्षा के लिए लीगल एम्बिट का अथक संघर्ष जारी: NCPCR का वडोदरा कलेक्टर को कारण बताओ नोटिस

दिनांक: 06 नवम्बर 2024
वडोदरा, गुजरात — बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के प्रति एक सशक्त कदम उठाते हुए, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने वडोदरा के जिला कलेक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई लीगल एम्बिट की महाराष्ट्र शाखा के प्रदेश अध्यक्ष असिफ खान द्वारा किए गए मजबूत प्रयासों का परिणाम है, जिनकी शिकायत ने नारायण गुरुकुल स्कूल की एक घटना को उजागर किया। यह घटना जुलाई 2024 में घटित हुई थी, जब स्कूल में दीवार गिरने से एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसने स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े किए, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडराता नजर आया।
लीगल एम्बिट का सतत संघर्ष और प्रयास
इस अभियान का नेतृत्व कर रहे असिफ खान के साथ लीगल एम्बिट के सीईओ और संस्थापक महावीर पारीक, और सभी संस्थापक सदस्यों ने बच्चों की सुरक्षा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दिखाते हुए इस मामले को NCPCR तक पहुंचाया। इस मामले में लीगल एम्बिट ने न केवल शिकायत दर्ज की, बल्कि लगातार फॉलो-अप करते हुए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि आयोग और प्रशासन इस पर ध्यान दें।
शिकायत और आयोग की कार्यवाही का क्रम
1. शिकायत का पंजीकरण: लीगल एम्बिट ने 20 जुलाई 2024 को यह शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे।
2. NCPCR का संज्ञान: आयोग ने इस मामले का संज्ञान लिया और वडोदरा के जिला कलेक्टर को 30 जुलाई को नोटिस जारी किया।
3. बार-बार अनुस्मारक: आयोग ने 23 अगस्त और 09 सितंबर 2024 को कलेक्टर को अनुस्मारक भी भेजे, लेकिन अब तक कलेक्टर की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। इस दौरान लीगल एम्बिट ने भी समय-समय पर आयोग से इस मामले में अपडेट और फॉलो-अप करने का आग्रह किया।
4. अंतिम कारण बताओ नोटिस: वडोदरा कलेक्टर द्वारा कोई ठोस जवाब न मिलने के बाद, NCPCR ने 1 नवम्बर 2024 को अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी किया। इस नोटिस में कलेक्टर को निर्देश दिया गया है कि वे 5 दिन के भीतर उचित जवाब दें, अन्यथा आयोग को कानूनी कार्रवाई करनी पड़ेगी।
लीगल एम्बिट का संघर्ष अभी जारी है
यह नोटिस एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन लीगल एम्बिट का संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई सुनिश्चित नहीं हो जाती। असिफ खान, महावीर पारीक और लीगल एम्बिट की पूरी टीम के अथक प्रयासों ने यह साबित कर दिया है कि वे बच्चों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए हरसंभव कदम उठाने को तैयार हैं।
यह लड़ाई अभी भी जारी है, और लीगल एम्बिट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे बच्चों की सुरक्षा और न्याय के लिए हर स्तर पर संघर्ष करते रहेंगे।



















