अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ प्रशासन की दोहरी नीति: तामस्कर पर कार्रवाई, लेकिन संजय को अभयदान

अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ प्रशासन की दोहरी नीति: तामस्कर पर कार्रवाई, लेकिन संजय को अभयदान
बिलासपुर: अवैध प्लॉटिंग का खुलासा, प्रशासन की मिली-जुली प्रतिक्रिया
बिलासपुर में शासकीय जमीन पर अवैध प्लॉटिंग और बिक्री के मामले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। जिला प्रशासन ने एक मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की, जबकि दूसरी ओर आदिवासी भूमि से जुड़े मामले में कार्रवाई के नाम पर चुप्पी साध ली।अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ प्रशासन की दोहरी नीति
कुदुदंड की शासकीय जमीन पर कड़ी कार्रवाई
2.13 एकड़ जमीन पर अवैध प्लॉटिंग:
बिलासपुर के कुदुदंड क्षेत्र में 2.13 एकड़ शासकीय जमीन को लीज पर दिया गया था, जिसे भूमाफिया ने 54 टुकड़ों में बांटकर अवैध रूप से बेच दिया।अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ प्रशासन की दोहरी नीति
- लीज की शर्तों का उल्लंघन:
जमीन को आवासीय प्रयोजन के लिए लीज पर दिया गया था, लेकिन बिना अनुमति इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में बेच दिया गया। - एफआईआर दर्ज:
कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर लीजधारक भूपेंद्र राव तामस्कर और बिल्डर राजू गर्ग के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। - राजस्व रिकॉर्ड में सुधार:
अवैध बिक्री के बाद, प्रशासन ने लीज निरस्त कर जमीन को शासकीय रिकॉर्ड में वापस दर्ज कर दिया।
राजस्व रिकॉर्ड और लीज के नवीनीकरण का मामला
- लीज का नवीनीकरण:
भूपेंद्र राव तामस्कर को आवासीय प्रयोजन के लिए दी गई नजूल भूमि की लीज 2015 में समाप्त हुई थी। इसे 2045 तक नवीनीकरण कर दिया गया। - मोटे पैसों का खेल:
लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए, बिना अनुमति प्लॉटिंग कर करोड़ों की सरकारी जमीन बेची गई। - जांच रिपोर्ट:
संयुक्त कलेक्टर मनीष साहू की अध्यक्षता में गठित जांच टीम ने लीज शर्तों के उल्लंघन की पुष्टि की।
बिरकोना में आदिवासी भूमि पर प्रशासन का नरम रवैया
- आदिवासी भूमि का मामला:
बिरकोना क्षेत्र में आदिवासी भूमि पर अवैध कब्जा और प्लॉटिंग का मामला प्रकाश में आया। - सतही कार्रवाई:
प्रारंभिक कार्रवाई के बाद प्रशासन ने हाथ खींच लिए। - एफआईआर की कमी:
मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिससे प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।
अवैध प्लॉटिंग में प्रशासन की भूमिका पर सवाल

- सेटिंग का खेल:
जहां सेटिंग कमजोर थी, वहां कार्रवाई तेज हुई, लेकिन जहां मजबूत सेटिंग थी, वहां कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। - दोहरी नीति:
प्रशासन के रवैये से यह सवाल उठता है कि आखिर एक मामले में सख्ती और दूसरे में नरमी क्यों?
भूपेंद्र तामस्कर और राजू गर्ग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
- तामस्कर और गर्ग की सांठगांठ:
22 अक्टूबर 2020 को भूपेंद्र राव तामस्कर ने 13 करोड़ रुपये में जमीन बेचने का सौदा राजू गर्ग से किया। - एफआईआर दर्ज:
नजूल तहसीलदार शिल्पा भगत ने कलेक्टर के निर्देश पर सिविल लाइन्स थाने में एफआईआर दर्ज कराई।
जनता में असंतोष: दो अलग-अलग मानक क्यों?
- एक को सख्ती, दूसरे को राहत:
कुदुदंड के मामले में प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई कर वाहवाही लूटी, लेकिन बिरकोना में आदिवासी भूमि के मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। - जिला प्रशासन पर सवाल:
जनता सवाल उठा रही है कि प्रशासन की दोहरी नीति क्यों अपनाई जा रही है?
प्रशासन के लिए जरूरी कदम
- समान नीति:
सभी मामलों में एक समान और निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। - सख्त नियमों का पालन:
लीज पर दी गई सरकारी जमीन की शर्तों का कड़ाई से पालन कराया जाए। - पारदर्शी जांच:
जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और दोषियों को सख्त सजा दी जाए। - आदिवासी भूमि संरक्षण:
बिरकोना जैसे मामलों में तत्काल कार्रवाई कर आदिवासी भूमि को संरक्षित किया जाए।
बिलासपुर में अवैध प्लॉटिंग का मामला प्रशासनिक खामियों को उजागर करता है। एक तरफ जहां कुदुदंड के मामले में कड़ी कार्रवाई हुई, वहीं बिरकोना में प्रशासन की निष्क्रियता सवाल खड़े करती है। जनता को निष्पक्षता का भरोसा दिलाने के लिए प्रशासन को सभी मामलों में समान नीति अपनानी होगी।अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ प्रशासन की दोहरी नीति














