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साक्ष्य अधिनियम भाग 3: जानिए क्या होते हैं तथ्य, विवादित तथ्य एवं सुसंगत तथ्य

साक्ष्य अधिनियम का महत्व

साक्ष्य अधिनियम भारतीय न्याय व्यवस्था की रीढ़ है। यह अधिनियम न्यायालय में तथ्यों को साबित करने और खारिज करने के नियम निर्धारित करता है। भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872, आपराधिक और सिविल दोनों मामलों में निर्णायक भूमिका निभाता है। इसका उद्देश्य साक्ष्यों के संबंध में एक व्यवस्थित विधि प्रदान करना है, जिससे न्याय प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके। साक्ष्य अधिनियम भाग 3: जानिए क्या होते हैं तथ्य, विवादित तथ्य एवं सुसंगत तथ्य

तथ्य (Facts)

साक्ष्य अधिनियम की धारा 3 के अनुसार, तथ्य को निम्नलिखित रूप में परिभाषित किया गया है:

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  1. भौतिक और मानसिक घटनाएं: कोई भी वस्तु, वस्तुओं की अवस्था, या उनके संबंध जो इंद्रियों द्वारा अनुभव किए जा सकते हैं।
  2. मानसिक स्थिति: कोई भी मानसिक दशा, जैसे विश्वास, इरादा, या ज्ञान।

तथ्य कार्य और लोप दोनों हो सकते हैं:

  • कार्य: जैसे हत्या करना।
  • लोप: जैसे आयकर न भरना।

उदाहरण:
दलवीर सिंह बनाम स्टेट ऑफ पंजाब (1987) में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि साक्ष्य का मूल्यांकन परिस्थितियों पर निर्भर करता है और यह एक तथ्यात्मक प्रश्न है।

विवादित तथ्य (Facts in Issue)
यह वे तथ्य होते हैं जिन पर पक्षकारों के बीच असहमति होती है।

  • परिभाषा:
    “ऐसे तथ्य जो किसी अधिकार, दायित्व, या निर्योग्यता की उत्पत्ति, अस्तित्व, या प्रकृति को प्रभावित करते हैं।”
  • उदाहरण:
    अगर एक व्यक्ति पर हत्या का आरोप है और वह आरोप से इनकार करता है, तो हत्या हुई या नहीं, यह विवादित तथ्य है।

विशेषताएं:

  1. पक्षकारों के बीच असहमति होनी चाहिए।
  2. विवादित तथ्य पर ही अधिकार और दायित्व निर्भर करते हैं।

सुसंगत तथ्य (Relevant Facts)
सुसंगत तथ्य वे होते हैं जो विवादित तथ्यों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े होते हैं।

  • परिभाषा:
    “एक तथ्य दूसरे तथ्य से सुसंगत है, जब वे साक्ष्य अधिनियम के तहत निर्दिष्ट प्रावधानों के अंतर्गत एक-दूसरे से जुड़े हों।”
  • उदाहरण:
    अगर किसी अपराध में हथियार का उपयोग हुआ हो, तो हथियार की उपस्थिति, उसका मालिक, और उसके उपयोग से संबंधित तथ्य सुसंगत होंगे। साक्ष्य अधिनियम भाग 3: जानिए क्या होते हैं तथ्य, विवादित तथ्य एवं सुसंगत तथ्य

महत्व:

साक्ष्य अधिनियम की धारा 5 से 55 तक इन सुसंगत तथ्यों के प्रकार और उनकी स्वीकार्यता को स्पष्ट किया गया है। साक्ष्य अधिनियम भाग 3: जानिए क्या होते हैं तथ्य, विवादित तथ्य एवं सुसंगत तथ्य

Nidar Chhattisgarh Desk

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