कोरबा
कोरबा शिक्षा विभाग में घोटाला: DEO के खेल से ट्रांसफर-पोस्टिंग में हेराफेरी, करोड़ों का भ्रष्टाचार उजागर

कोरबा शिक्षा विभाग में घोटाला: DEO के खेल से ट्रांसफर-पोस्टिंग में हेराफेरी, करोड़ों का भ्रष्टाचार उजागर
कोरबा। जिले का शिक्षा विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) टी.पी. उपाध्याय की अगुवाई में ट्रांसफर-पोस्टिंग में भारी गड़बड़ी हो रही है। प्राथमिक शाला के प्रधान पाठकों की पदोन्नति में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। कई स्कूलों में पहले से प्रधान पाठक मौजूद होने के बावजूद नए लोगों को पदस्थ किया गया, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।कोरबा शिक्षा विभाग में घोटाला
रिटायरमेंट से पहले अवैध पदस्थापनाओं का खेल
- कोरबा में DEO द्वारा रिटायरमेंट की प्रत्याशा में पदस्थापनाओं का गलत खेल खेला जा रहा है।
- पूर्व DEO भारद्वाज के समय भी 100 से अधिक शिक्षकों का गलत तरीके से तबादला किया गया था।
- अब टी.पी. उपाध्याय भी इसी प्रक्रिया को अपना रहे हैं और BEO से उन शिक्षकों की सूची मंगवाई गई है, जो 6 महीने से 1 साल के अंदर रिटायर होने वाले हैं।
- नियम के मुताबिक पदोन्नति केवल उपलब्ध रिक्त पदों के अनुसार ही होनी चाहिए, लेकिन कोरबा DEO ने निर्धारित संख्या से अधिक शिक्षकों को प्रधान पाठक पद पर प्रमोट कर दिया।
- इन प्रधान पाठकों को उन स्कूलों में पोस्टिंग दी जा रही है, जहां मौजूदा प्रधान पाठक जल्द ही रिटायर होने वाले हैं।
- सवाल यह उठता है कि एक ही स्कूल में दो प्रधान पाठकों की नियुक्ति कैसे संभव है?
गड़बड़ी छिपाने के लिए सिंगल ऑर्डर जारी
- पूरे घोटाले को छिपाने के लिए सभी पदोन्नत प्रधान पाठकों को अलग-अलग (सिंगल) ऑर्डर जारी किए गए।
- इसमें जिले के सभी BEO की मिलीभगत बताई जा रही है।
- विभागीय जांच होने पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार उजागर हो सकता है।
शिक्षा सत्र के बीच रिटायरमेंट देना गलत
- छत्तीसगढ़ शासन ने स्पष्ट आदेश दिया है कि किसी भी शिक्षक को शिक्षा सत्र के बीच रिटायर नहीं किया जाएगा ताकि स्कूलों में पढ़ाई और परीक्षाएं प्रभावित न हों।
- इसके बावजूद कोरबा के BEO ने 31 जनवरी 2025 को रिटायर हो रहे प्रधान पाठकों को 28 नवंबर 2024 को ही रिटायरमेंट का पत्र भेज दिया।
- DEO ने लगभग दो दर्जन से अधिक सहायक शिक्षकों को अवैध रूप से प्रमोशन दिया और बदले में मोटी रकम वसूलने के आरोप भी लगे हैं।
लिपिकों की पदोन्नति में भी अनियमितता
- प्रधान पाठकों की तरह सहायक ग्रेड 2 और 3 के लिपिकों की पदोन्नति में भी गड़बड़ी की गई।
- स्वीकृत पदों से अधिक लोगों को प्रमोशन देकर गलत तरीके से स्कूलों में पदस्थ किया गया।
- कई जगहों पर सहायक ग्रेड 3 की जगह सहायक ग्रेड 2 को पदस्थ कर दिया गया।
- तरदा और बिरदा के स्कूलों में भी नियमों के विरुद्ध लिपिकों की पोस्टिंग की गई।
अटैचमेंट में भी गड़बड़ी, भ्रष्टाचार की जांच जरूरी
- जिले के हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में व्याख्याताओं के अटैचमेंट में बड़े पैमाने पर अनियमितता की गई।
- जबकि अटैचमेंट पर रोक लगी हुई है, फिर भी DEO ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की।
- अगर सही तरीके से जांच हुई, तो बड़े पैमाने पर शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार सामने आ सकता है।
शिकायतें गायब, भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की कोशिश
- कोरबा जिले में DEO के भ्रष्टाचार की लिखित शिकायत जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला महामंत्री विजय दुबे ने अक्टूबर 2024 में कलेक्टर से की थी।
- लेकिन जब कोई जांच नहीं हुई और विजय दुबे ने कलेक्ट्रेट में शिकायत की स्थिति पता की, तो मालूम हुआ कि शिकायत पत्र ही गायब कर दिया गया।
- बिलासपुर के संयुक्त संचालक (JD) कार्यालय में भी रजिस्टर्ड डाक से भेजी गई शिकायत गायब हो गई।
- रायपुर मुख्यालय में भी शिकायत भेजी गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
क्या शिक्षा विभाग के अधिकारी जागेंगे?
- कोरबा जिले में शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का संगठित नेटवर्क चल रहा है।
- शिकायतें गायब कर दी जा रही हैं, गलत ट्रांसफर और पोस्टिंग के जरिए लाखों-करोड़ों की उगाही हो रही है।
- अब देखना यह है कि मुख्यालय में बैठे बड़े अधिकारी इस पर कोई ठोस कदम उठाते हैं या नहीं।
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