फेक कॉल्स और साइबर फ्रॉड पर सख्ती: सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को दिए कड़े निर्देश

फेक कॉल्स और धोखाधड़ी रोकने के लिए केंद्र सरकार का बड़ा कदम
नई दिल्ली। भारत सरकार ने साइबर धोखाधड़ी और फेक कॉल्स पर अंकुश लगाने के लिए एक और सख्त कदम उठाया है। सरकार ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स सहित सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को एडवाइजरी जारी की है। इसमें उन ऐप्स को हटाने के निर्देश दिए गए हैं जो कॉलर आईडी में हेरफेर करने की सुविधा देते हैं। फेक कॉल्स और साइबर फ्रॉड पर सख्ती: सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को दिए कड़े निर्देश
28 फरवरी तक नियमों का पालन करना अनिवार्य
दूरसंचार विभाग (DoT) ने सोशल मीडिया कंपनियों और एप्लीकेशन होस्टिंग सर्विसेज को 28 फरवरी तक नए निर्देशों का पालन करने का आदेश दिया है। सरकार ने कॉलर आईडी स्पूफिंग (Caller ID Spoofing) को बढ़ावा देने वाले सभी ऐप्स और कंटेंट को तुरंत हटाने की मांग की है। फेक कॉल्स और साइबर फ्रॉड पर सख्ती: सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को दिए कड़े निर्देश
CLI स्पूफिंग: फेक नंबर से कॉल करना अब गैर-कानूनी
सरकार ने साफ किया है कि फोन नंबर छिपाने या गलत पहचान दिखाने के लिए कॉलर आईडी में बदलाव करना अब पूरी तरह से अवैध है। यह दूरसंचार अधिनियम 2023 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। फेक कॉल्स और साइबर फ्रॉड पर सख्ती: सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को दिए कड़े निर्देश
नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
अगर कोई व्यक्ति फर्जी दस्तावेजों के जरिए सिम कार्ड या अन्य टेलीकॉम आईडी प्राप्त करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल या 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। इसके अलावा, अगर कोई ऐप या वेबसाइट CLI स्पूफिंग को बढ़ावा देती है, तो उसे बंद कर दिया जाएगा। फेक कॉल्स और साइबर फ्रॉड पर सख्ती: सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को दिए कड़े निर्देश
CLI (कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन) क्या है?
CLI (Caller ID Spoofing) एक धोखाधड़ी तकनीक है, जिसमें स्कैमर्स अपनी असली पहचान छुपाकर किसी और के नंबर से कॉल करने का नाटक करते हैं। इस तकनीक का इस्तेमाल लोगों को धोखा देकर उनकी पर्सनल और फाइनेंशियल डिटेल्स हासिल करने के लिए किया जाता है। फेक कॉल्स और साइबर फ्रॉड पर सख्ती: सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को दिए कड़े निर्देश


















