ऊर्जाधानी कोरबा को मिलेगी नई ताकत: 1320 मेगावाट के सुपर क्रिटिकल प्लांट का काम अगस्त से शुरू, 140 पदों पर होगी भर्ती

ऊर्जाधानी कोरबा को मिलेगी नई ताकत: 1320 मेगावाट के सुपर क्रिटिकल प्लांट का काम अगस्त से शुरू, 140 पदों पर होगी भर्ती
ऊर्जाधानी कोरबा को मिलेगी नई ताकत: 1320 मेगावाट के सुपर क्रिटिकल प्लांट का काम अगस्त से शुरू, छत्तीसगढ़ की ऊर्जाधानी कोरबा में एक बड़ी और महत्वाकांक्षी परियोजना धरातल पर उतरने के लिए तैयार है। छत्तीसगढ़ राज्य बिजली उत्पादन कंपनी द्वारा कोरबा पश्चिम में प्रस्तावित 1320 मेगावाट के अत्याधुनिक पावर प्लांट का निर्माण कार्य अगले महीने से शुरू होने जा रहा है। इस परियोजना से न केवल प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता में भारी वृद्धि होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
अगले महीने रखी जाएगी नींव, जमीन समतल करने का काम तेज
परियोजना के लिए चिन्हित की गई जमीन पर तैयारी का काम जोर-शोर से चल रहा है। फिलहाल, जमीन पर मौजूद पेड़-पौधों को हटाकर उसे समतल किया जा रहा है ताकि निर्माण कार्य सुचारू रूप से शुरू हो सके। सूत्रों के अनुसार, 16 अगस्त से प्लांट के लिए नींव की खुदाई का काम शुरू कर दिया जाएगा, जो इस महापरियोजना का पहला जमीनी कदम होगा।ऊर्जाधानी कोरबा को मिलेगी नई ताकत: 1320 मेगावाट के सुपर क्रिटिकल प्लांट का काम अगस्त से शुरू
प्रदेश सरकार की हरी झंडी: दो चरणों में भरे जाएंगे 140 नए पद
इस विशाल प्लांट के सफल संचालन के लिए कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता को देखते हुए, प्रदेश सरकार ने 140 नए पदों के सृजन को अपनी मंजूरी दे दी है। यह भर्ती प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। स्वीकृत पदों में सहायक मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता, वेतन अधिकारी और लेखापाल जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं, जो प्लांट के निर्माण से लेकर संचालन तक में अहम भूमिका निभाएंगे।ऊर्जाधानी कोरबा को मिलेगी नई ताकत: 1320 मेगावाट के सुपर क्रिटिकल प्लांट का काम अगस्त से शुरू
BHEL संभालेगा निर्माण की कमान, 2029 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट
इस सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट का निर्माण भारत की महारत्न कंपनी, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) द्वारा किया जाएगा। परियोजना के तहत 660-660 मेगावाट की दो इकाइयों की स्थापना की जाएगी। BHEL के अधिकारी पहले ही दर्री पहुँच चुके हैं और प्रोजेक्ट की तैयारियों में जुट गए हैं। लक्ष्य रखा गया है कि वर्ष 2029 तक इस प्लांट को “लाइटअप” कर उत्पादन के लिए तैयार कर लिया जाए।ऊर्जाधानी कोरबा को मिलेगी नई ताकत: 1320 मेगावाट के सुपर क्रिटिकल प्लांट का काम अगस्त से शुरू
₹15,800 करोड़ की महापरियोजना, सुपर क्रिटिकल तकनीक से लैस होगा प्लांट
यह पूरी परियोजना लगभग 15,800 करोड़ रुपये की है और यह अत्याधुनिक “सुपर क्रिटिकल तकनीक” पर आधारित होगी, जो अधिक दक्षता के साथ बिजली का उत्पादन करती है और पर्यावरण पर भी कम प्रभाव डालती है। गौरतलब है कि इस प्लांट का भूमिपूजन मार्च में प्रधानमंत्री ने वर्चुअली किया था, जबकि इससे पहले पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने भी इसका शिलान्यास किया था।ऊर्जाधानी कोरबा को मिलेगी नई ताकत: 1320 मेगावाट के सुपर क्रिटिकल प्लांट का काम अगस्त से शुरू
इस प्लांट के शुरू होने के बाद प्रदेश की ताप विद्युत उत्पादन क्षमता 2840 मेगावाट से बढ़कर 4160 मेगावाट हो जाएगी, जो छत्तीसगढ़ के ऊर्जा भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।ऊर्जाधानी कोरबा को मिलेगी नई ताकत: 1320 मेगावाट के सुपर क्रिटिकल प्लांट का काम अगस्त से शुरू



















