छत्तीसगढ़ में जान हथेली पर रखकर स्कूल जाते हैं बच्चे, खतरनाक नदी पर 3 फीट के पिलर ही सहारा

गरियाबंद/मैनपुर: छत्तीसगढ़ में जान हथेली पर रखकर स्कूल जाते हैं बच्चे, छत्तीसगढ़ के मैनपुर तहसील से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो विकास के दावों की पोल खोलती है और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यहां नदी पार बसे एक मोहल्ले के बच्चे और ग्रामीण हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर एक जर्जर स्टॉपडैम के महज तीन फीट चौड़े पिलरों को कूदकर स्कूल और अपने जरूरी कामों के लिए आते-जाते हैं। बारिश में जब नदी उफान पर होती है, तो यह मौत का सफर और भी खौफनाक हो जाता है।
समस्या की भयावहता: “स्कूल जाएं तो घर लौटना मुश्किल”
मैनपुर मुख्यालय में पैरी नदी पर बना यह स्टॉपडैम पूरी तरह से टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसमें 20-20 फीट गहरे गड्ढे हो गए हैं। जब नदी में बाढ़ आती है, तो पानी इन पिलरों के ऊपर से बहने लगता है। स्कूली बच्चों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा, “जब ज्यादा बारिश होती है तो हम स्कूल नहीं जा पाते, और अगर स्कूल चले गए तो बाढ़ आने पर घर वापस नहीं आ पाते।” ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में कुछ लोग यहां फिसलकर गिर भी चुके हैं, लेकिन किस्मत से उनकी जान बच गई। स्थानीय अधिकारियों को कई बार शिकायत करने के बावजूद, किसी ने इस समस्या को देखने तक की जहमत नहीं उठाई।छत्तीसगढ़ में जान हथेली पर रखकर स्कूल जाते हैं बच्चे
विधायक ने खुद जाना दर्द, कूदकर पार किया स्टॉपडैम
जब ग्रामीणों की फरियाद स्थानीय विधायक जनक ध्रुव तक पहुंची, तो वे तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने समस्या की गंभीरता को केवल सुना नहीं, बल्कि खुद महसूस किया। विधायक ध्रुव ने ग्रामीणों के साथ उसी खतरनाक स्टॉपडैम के पिलरों को कूदकर पार किया और मोहल्ले तक पहुंचे। अपने बीच विधायक को पाकर और उनकी इस संवेदनशीलता को देखकर ग्रामीण गदगद हो गए। ग्रामीणों ने विधायक से क्षतिग्रस्त स्टॉपडैम की मरम्मत कराने और नदी पर एक सुरक्षित रपटा (छोटा पुल) बनाने की मांग की।छत्तीसगढ़ में जान हथेली पर रखकर स्कूल जाते हैं बच्चे
विधायक और ग्रामीणों ने श्रमदान कर की सफाई
निरीक्षण के दौरान विधायक जनक ध्रुव ने एक और मिसाल पेश की। उन्होंने देखा कि स्टॉपडैम में बाढ़ के कारण बड़े-बड़े पेड़ और मलबा फंसा हुआ है, जिससे पानी का बहाव रुका हुआ था। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर श्रमदान किया और उस मलबे को हटाया। यह देखकर ग्रामीणों का हौसला और बढ़ गया।छत्तीसगढ़ में जान हथेली पर रखकर स्कूल जाते हैं बच्चे
कलेक्टर और मंत्री तक पहुंचेगा मामला
ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद विधायक जनक ध्रुव ने आश्वासन दिया, “यह मामला बेहद गंभीर है और सीधे तौर पर लोगों की जान से जुड़ा है। मैं जल्द ही इस मुद्दे को गरियाबंद कलेक्टर और संबंधित मंत्री के सामने उठाकर इसके स्थायी समाधान का प्रयास करूंगा।” अब देखना यह है कि विधायक की इस पहल के बाद प्रशासन कब जागता है और इन बच्चों को कब एक सुरक्षित रास्ता मिल पाता है।छत्तीसगढ़ में जान हथेली पर रखकर स्कूल जाते हैं बच्चे



















