कागजों पर ‘7-स्टार सिटी’, हकीकत में गंदगी का अंबार: रायपुर में सफाई व्यवस्था ध्वस्त, बजबजाती नालियों से लोग परेशान

रायपुर: कागजों पर ‘7-स्टार सिटी’, हकीकत में गंदगी का अंबार: रायपुर में सफाई व्यवस्था ध्वस्त, बजबजाती नालियों से लोग परेशान, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को भले ही साफ-सफाई के लिए ‘7-स्टार सिटी’ का प्रतिष्ठित दर्जा मिला हो, लेकिन जमीनी हकीकत इन सरकारी दावों की पोल खोल रही है। शहर की सड़कें, कॉलोनियां और खाली प्लॉट कचरे के ढेर में तब्दील हो रहे हैं और नालियां बजबजा रही हैं। नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग इस 7-स्टार के सम्मान को बनाए रखने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है, जिससे नागरिकों में भारी रोष है।
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन बना मजाक
निगम का सबसे महत्वपूर्ण ‘डोर-टू-डोर’ कचरा कलेक्शन सिस्टम पूरी तरह पटरी से उतर गया है। खासकर, बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले निवासी सबसे ज्यादा परेशान हैं। उनका आरोप है कि जब तक वे लिफ्ट से नीचे उतरते हैं, तब तक कचरा गाड़ी अपना गाना बजाकर आगे बढ़ जाती है। ऐसे में उन्हें या तो कचरा घर में रखना पड़ता है या मजबूरी में इधर-उधर फेंकना पड़ता है। 7-स्टार सिटी का मतलब है कि कहीं भी कचरा नजर नहीं आना चाहिए, लेकिन रायपुर में मुख्य सड़कों को छोड़कर अंदरूनी इलाकों में हर खाली जगह एक डंपिंग ग्राउंड बन गई है। कागजों पर ‘7-स्टार सिटी’, हकीकत में गंदगी का अंबार
वार्डों में गंदगी का आलम, ठेकेदारों पर नहीं हो रही कार्रवाई
शहर के वार्डों का हाल बेहाल है। वार्ड 55 में संगम आटा चक्की से लेकर कृष्णानगर और राधा विहार तक की नालियां कई दिनों से साफ नहीं हुई हैं। इसी तरह, लालपुर मौसम केंद्र के पास बने जयस्तंभ के चारों ओर गंदगी का साम्राज्य है। हैरानी की बात यह है कि निगम के सभी 70 वार्डों की सफाई का ठेका अलग-अलग कंपनियों को दिया गया है, जिसमें 40 से 50 सफाई कामगार रखने की शर्त है। लेकिन जब भी जांच होती है, तो आधे से भी कम कर्मचारी मौके पर मिलते हैं। इसके बावजूद, ठेकेदारों पर सिर्फ 10-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर खानापूर्ति कर दी जाती है और किसी का भी ठेका निरस्त नहीं किया जाता। कागजों पर ‘7-स्टार सिटी’, हकीकत में गंदगी का अंबार
अफसरों की बैठकें बेअसर, मॉनिटरिंग का अभाव
शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था पर महापौर मीनल चौबे ने भी सख्त नाराजगी जताई थी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अपर आयुक्त विनोद पांडेय और स्वच्छ भारत मिशन के नोडल रघुमणि प्रधान ने सभी जोनों में बैठकें भी कीं। लेकिन प्रभावी मॉनिटरिंग के अभाव में इन बैठकों का कोई नतीजा नहीं निकला और स्थिति जस की तस बनी हुई है। कागजों पर ‘7-स्टार सिटी’, हकीकत में गंदगी का अंबार
इस मामले पर अपर आयुक्त (स्वास्थ्य) विनोद पांडेय ने कहा, “शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। सभी जोनों में बैठकें ली जा चुकी हैं। अब जिस भी जोन में लापरवाही सामने आएगी, वहां कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मल्टी स्टोरी सोसायटियों की समस्याओं की भी जल्द समीक्षा की जाएगी।” कागजों पर ‘7-स्टार सिटी’, हकीकत में गंदगी का अंबार



















