जांजगीर-चांपा में खत्म हुआ सहकारी कर्मियों का विवाद: हड़ताल समाप्त, धान खरीदी फिर पटरी पर
कलेक्टर को सौंपा सहमति पत्र; कर्मचारियों की वापसी से किसानों को मिली राहत, वहीं बेमेतरा में लापरवाही पर 23 कर्मचारी बर्खास्त

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में धान खरीदी व्यवस्था को प्रभावित कर रही सहकारी समिति कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। सोमवार को सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने कलेक्टर जन्मेजय महोबे को औपचारिक सहमति पत्र सौंपकर अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। इसके साथ ही सभी कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौट आए हैं।
3 नवंबर से चल रही थी हड़ताल
सहकारी समिति कर्मचारी 3 नवंबर से हड़ताल पर थे, जिसके कारण धान खरीदी कार्य बाधित हो रहा था। किसानों को परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन को अन्य विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी खरीदी केंद्रों में लगानी पड़ी। स्थिति गंभीर होती देख शासन ने एस्मा भी लागू कर दिया था।हड़ताल समाप्त, धान खरीदी फिर पटरी पर
कर्मचारियों की वापसी से किसानों को राहत
प्रशासनिक स्तर पर लगातार बातचीत और समाधान की पहल के बाद संघ ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया। कर्मचारियों की पुनः तैनाती के बाद अब खरीद केंद्रों में कार्य सामान्य होने लगा है, जिससे किसानों को काफी राहत मिलेगी। धान खरीदी प्रक्रिया के सुचारू संचालन के लिए प्रशासन ने भी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की है।हड़ताल समाप्त, धान खरीदी फिर पटरी पर
बेमेतरा में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई
इस बीच समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर बेमेतरा जिले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। हड़ताल के दौरान काम पर नहीं लौटने पर प्राधिकृत अध्यक्षों ने किसान हित में बड़ा कदम उठाते हुए 6 सहकारी समितियों के कुल 23 कर्मचारियों को सेवा से पृथक कर दिया है। यह कार्रवाई प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।हड़ताल समाप्त, धान खरीदी फिर पटरी पर
जांजगीर-चांपा में हड़ताल समाप्त होने के बाद अब धान खरीदी व्यवस्था के पटरी पर लौटने की उम्मीद है और किसानों को समय पर सुविधाएँ मिल सकेंगीहड़ताल समाप्त, धान खरीदी फिर पटरी पर














