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दुर्ग

राशन कार्ड पर बड़ा खुलासा: गरीबों का हक मार रहे थे अमीर, 1 लाख से ज्यादा राशन कार्ड संदिग्ध; इनकम टैक्स पेयर्स और बड़े किसान भी शामिल

दुर्ग जिले में खाद्य विभाग की जांच में 6 हजार से ज्यादा आयकर दाता और 79 हजार से अधिक बड़े किसान चिह्नित, अपात्रों से राशन की वसूली की तैयारी

दुर्ग :  राशन कार्ड पर बड़ा खुलासा: गरीबों का हक मार रहे थे अमीर, 1 लाख से ज्यादा राशन कार्ड संदिग्ध; इनकम टैक्स पेयर्स और बड़े किसान भी शामिल. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों को मिलने वाले राशन में बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। खाद्य विभाग की सघन जांच में जिले में 1.11 लाख से अधिक संदिग्ध राशन कार्डधारी सामने आए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि बीपीएल (BPL) राशन कार्ड का लाभ उठाने वालों में हजारों इनकम टैक्स पेयर्स और बड़े किसान शामिल हैं, जो किसी भी लिहाज से गरीबी रेखा के दायरे में नहीं आते।

अमीर उठा रहे थे गरीबों का लाभ

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खाद्य विभाग द्वारा ‘वन नेशन-वन राशनकार्ड’ योजना के तहत कराए गए ई-केवाईसी (e-KYC) और डेटा मिलान में यह सच सामने आया है। जांच में पाया गया कि:

  • 6,339 लोग ऐसे हैं जो इनकम टैक्स (आयकर) भरते हैं।

  • 71 लोग जीएसटी (GST) कारोबार से जुड़े हैं।

  • 79,446 ऐसे किसान हैं जिनके पास एक हेक्टेयर (2.47 एकड़) से अधिक जमीन है।

ये सभी लोग बीपीएल राशन कार्ड के जरिए वर्षों से सस्ता राशन ले रहे थे, जबकि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए है। राशन कार्ड पर बड़ा खुलासा: गरीबों का हक मार रहे थे अमीर

कैसे हुआ खुलासे का ‘खेल’?
इस फर्जीवाड़े को पकड़ने के लिए विभाग ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। आधार कार्ड, बैंक खाते और पैन कार्ड की ‘क्रॉस चेकिंग’ (Cross Checking) की गई। राशन कार्ड पर बड़ा खुलासा: गरीबों का हक मार रहे थे अमीर

  1. CBDT डेटा: जिन लोगों की वार्षिक आय 6 लाख से अधिक थी।

  2. GSTN डेटा: जिनका कारोबार 25 लाख रुपये से अधिक था।

  3. PM किसान डेटा: जिनके पास एक हेक्टेयर से ज्यादा जोत (जमीन) है।

इन सभी डेटा के संयोजन से 1,11,262 संदिग्धों की पहचान हुई। इनमें से अब तक 39,498 कार्डों का सत्यापन कर कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि 71,764 कार्डों की जांच अभी भी जारी है। राशन कार्ड पर बड़ा खुलासा: गरीबों का हक मार रहे थे अमीर

राशन की वसूली और एफआईआर (FIR) संभव
विभाग न केवल इन कार्डों को निरस्त कर रहा है, बल्कि अब तक उठाए गए राशन की बाजार दर पर वसूली भी संभव है।
खाद्य नियंत्रक (दुर्ग), अनुराग सिंह भदौरिया ने बताया, “संदिग्ध राशनकार्डों की सूची जारी कर उनका फिजिकल सत्यापन कराया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार अपात्र पाए जाने पर नाम हटाने की कार्रवाई की जा रही है।” राशन कार्ड पर बड़ा खुलासा: गरीबों का हक मार रहे थे अमीर

अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि गलत जानकारी देकर राशन लेने वालों और इसमें मदद करने वाले अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। राशन कार्ड पर बड़ा खुलासा: गरीबों का हक मार रहे थे अमीर

फर्जी और निष्क्रिय आधार का भी बोलबाला
जांच में सिर्फ अमीर ही नहीं, बल्कि ‘घोस्ट बेनिफिशियरीज’ (फर्जी हितग्राही) भी पकड़े गए हैं:

  • 8,818 लोग डुप्लीकेट आधार नंबर से राशन ले रहे थे।

  • 8,787 लोगों के आधार निष्क्रिय पाए गए।

  • 195 लोग राज्य के बाहर रहकर भी राशन उठा रहे थे।

  • इसके अलावा, 5,796 हितग्राही ऐसे हैं जो 12 महीने से राशन लेने ही नहीं आए।

20 हजार नाम पहले ही कटे
इससे पहले पिछले राउंड की जांच में गलत आधार, पते पर न मिलने और अनुपस्थित रहने के कारण 20,490 लाभार्थियों के नाम हटाए जा चुके हैं। वर्तमान में जिले में कुल 4.95 लाख राशन कार्ड हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में लोग अपात्र पाए जा रहे हैं। राशन कार्ड पर बड़ा खुलासा: गरीबों का हक मार रहे थे अमीर

Dr. Tarachand Chandrakar

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