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छत्तीसगढ़ में कोयला सिंडिकेट का बड़ा पर्दाफाश: ‘रिजेक्ट’ बताकर करोड़ों की GST चोरी, विदेशों तक जुड़े हैं ठगी के तार

छत्तीसगढ़ में कोयला सिंडिकेट का बड़ा पर्दाफाश: छत्तीसगढ़ में कोयला कारोबारियों के खिलाफ स्टेट जीएसटी (State GST) विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। रायपुर और बिलासपुर समेत प्रदेश के प्रमुख शहरों में हुई छापेमारी के बाद ऐसे चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिन्होंने विभाग की नींद उड़ा दी है। अच्छे कोयले को जानबूझकर ‘खराब’ बताकर करोड़ों रुपये के टैक्स की चपत लगाई जा रही है।

खेल ‘रिजेक्टेड’ कोयले का: ऐसे बचा रहे 13% टैक्स

छत्तीसगढ़ में कोयला सिंडिकेट का बड़ा पर्दाफाश:  जांच में सामने आया है कि बड़े कोल कारोबारी अपनी हर खेप में करीब 30 फीसदी कोयले को ‘रिजेक्टेड’ या ‘लो-ग्रेड’ घोषित कर देते हैं। इस छोटे से बदलाव से टैक्स का गणित पूरी तरह बदल जाता है:

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  • नियम: अच्छे कोयले पर 18% जीएसटी लगता है।

  • कार्रवाई: इसे खराब बताकर टैक्स को घटाकर सीधे 5% कर दिया जाता है।

  • मुनाफा: इस तरह कारोबारी सीधे तौर पर 13% जीएसटी की चोरी कर रहे हैं। बाद में इसी कोयले को ऊंचे दामों पर ‘हाई-ग्रेड’ बताकर बाजार में बेच दिया जाता है।

₹100 करोड़ से ज्यादा की वसूली का अनुमान

छत्तीसगढ़ में कोयला सिंडिकेट का बड़ा पर्दाफाश: जीएसटी विभाग ने अब तक 12 कोल कारोबारियों और 20 से ज्यादा ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए हैं। अब तक 43 करोड़ रुपये से ज्यादा की टैक्स वसूली की जा चुकी है, जबकि अधिकारियों का मानना है कि यह आंकड़ा 100 करोड़ रुपये को पार कर सकता है। इस सिंडिकेट में मुख्य रूप से रायपुर और बिलासपुर के रसूखदार कारोबारी शामिल हैं।

इंडोनेशिया और साउथ अफ्रीका तक फैला नेटवर्क

छत्तीसगढ़ में कोयला सिंडिकेट का बड़ा पर्दाफाश: जांच का सबसे चौंकाने वाला पहलू इसका अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन है। जांच में पता चला है कि:

  1. छत्तीसगढ़ के कारोबारियों ने इंडोनेशिया और साउथ अफ्रीका की कोयला खदानों में भारी निवेश किया है।

  2. विदेशों से मंगाए गए कोयले को स्थानीय खदानों का बताकर टैक्स बचाया जा रहा है।

  3. टैक्स चोरी से कमाई गई काली कमाई को विदेशों में निवेश किया जा रहा है, जिसकी जांच अब गहनता से की जा रही है।

ई-वे बिल का फर्जीवाड़ा: बिना परिवहन के बन रहे बिल

छत्तीसगढ़ में कोयला सिंडिकेट का बड़ा पर्दाफाश: सिर्फ टैक्स ही नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स में भी भारी गोलमाल मिला है। कोयले का परिवहन किए बिना ही फर्जी ई-वे बिल (E-way Bill) तैयार किए जा रहे हैं। कई मामलों में तो एक ही बिल पर एक शहर से दूसरे शहर तक कोयले की कई खेप पहुँचाई जा रही है। ई-वे बिल सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर यह सिंडिकेट सालों से फल-फूल रहा था।

“किसी को बख्शा नहीं जाएगा” – वित्त मंत्री की चेतावनी

छत्तीसगढ़ में कोयला सिंडिकेट का बड़ा पर्दाफाश: इस बड़े घोटाले पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि फर्जी कंपनियों और टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ठोस सबूतों के साथ जांच आगे बढ़ाएं और दोषियों से पाई-पाई वसूली जाए।

मुख्य बिंदु: जो आपको जानना जरूरी है

  • जीएसटी रिटर्न में 100 में से 30 टन कोयला खराब दिखाया जा रहा है।

  • सालाना लाखों टन कोयले के परिवहन में करोड़ों की हेराफेरी।

  • कोयले की ग्रेडिंग बदलकर सरकार को राजस्व का नुकसान।

  • फर्जी ई-वे बिल के जरिए जांच एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश।

Pooja Chandrakar

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