रायपुर और नवा रायपुर के बीच बनेगा ‘कनेक्टिंग टाउन’: ₹735 करोड़ से संवरेगा एक्सप्रेस-वे का दोनों किनारा

रायपुर और नवा रायपुर के बीच बनेगा ‘कनेक्टिंग टाउन’: ₹735 करोड़ से संवरेगा एक्सप्रेस-वे का दोनों किनारा, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और आधुनिक शहर ‘नवा रायपुर’ की दूरियां अब और भी कम होने वाली हैं। राज्य सरकार ने दोनों शहरों को जोड़ने के लिए एक भव्य ‘कनेक्टिंग टाउन’ योजना को हरी झंडी दे दी है। इस महात्वाकांक्षी परियोजना के तहत एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा, जिससे न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे।
रायपुर-नवा रायपुर एक्सप्रेस-वे के किनारे 1 KM का नया कॉरिडोर
रायपुर और नवा रायपुर के बीच बनेगा ‘कनेक्टिंग टाउन’: सरकार की इस योजना के तहत पुराने रायपुर और नवा रायपुर के बीच के 432 हेक्टेयर क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। यह विकास कार्य एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ 500-500 मीटर (कुल 1 किलोमीटर) के दायरे में किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों शहरों के बीच मौजूद खाली हिस्से (गैप) को भरकर एक निरंतर शहरी क्षेत्र विकसित करना है।
735 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट और अधोसंरचना विकास
रायपुर और नवा रायपुर के बीच बनेगा ‘कनेक्टिंग टाउन’: इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने ₹735 करोड़ का बजट निर्धारित किया है। इस राशि का उपयोग बेहतरीन सड़कों, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम (नाली), बिजली की निर्बाध आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था जैसे बुनियादी ढांचों को विकसित करने में किया जाएगा। सरकारी दस्तावेजों में इसे ‘नगर विकास योजना’ का नाम दिया गया है, जो नवा रायपुर के ‘लेयर टू’ विकास का हिस्सा है।
लैंड पूलिंग मॉडल: भूमि स्वामियों को मिलेगा 42% विकसित हिस्सा
रायपुर और नवा रायपुर के बीच बनेगा ‘कनेक्टिंग टाउन’: इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसकी पारदर्शी भूमि नीति है। सरकार यहां जमीनों का सीधा अधिग्रहण नहीं कर रही है, बल्कि ‘लैंड पूलिंग’ मॉडल अपना रही है।
योजना क्षेत्र में आने वाली जमीनों को विकसित किया जाएगा।
विकास कार्य (सड़क, बिजली, पानी) पूरा होने के बाद, संबंधित भूमि स्वामियों को उनकी कुल जमीन का 42 प्रतिशत हिस्सा विकसित प्लॉट के रूप में वापस दिया जाएगा।
इससे जमीन मालिकों को विकसित क्षेत्र में ऊंची कीमतों का लाभ मिल सकेगा।
इन गांवों की बदलेगी सूरत: कौन-कौन से क्षेत्र होंगे शामिल?
रायपुर और नवा रायपुर के बीच बनेगा ‘कनेक्टिंग टाउन’: नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) द्वारा तैयार इस योजना में रायपुर के बाहरी इलाकों के कई गांव शामिल किए गए हैं। प्रमुख रूप से इसमें शामिल होने वाले क्षेत्र हैं:
सेरीखेड़ी
मंदिर हसौद
रीको
नकटी
रमचंडी
बरौदा (एयरपोर्ट के पास का हिस्सा)
राजपत्र में प्रकाशन के साथ योजना लागू: आवंटन की प्रक्रिया
रायपुर और नवा रायपुर के बीच बनेगा ‘कनेक्टिंग टाउन’: छत्तीसगढ़ राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने के साथ ही यह योजना अब आधिकारिक रूप से प्रभावी हो गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अंतिम भूखंडों (Plots) का आवंटन राजस्व विभाग के भूमि अभिलेखों के पूर्ण सत्यापन के बाद ही किया जाएगा। स्वामित्व प्रमाणित होने के बाद ही भूमि स्वामियों को उनके विकसित भूखंडों का कब्जा सौंपा जाएगा।
निष्कर्ष: रियल एस्टेट और शहरी विकास को मिलेगी नई उड़ान
‘रायपुर और नवा रायपुर के बीच बनेगा ‘कनेक्टिंग टाउन’: कनेक्टिंग टाउन’ बनने से रायपुर और नवा रायपुर के बीच की कनेक्टिविटी वैश्विक स्तर की हो जाएगी। यह प्रोजेक्ट न केवल शहरी आबादी के दबाव को कम करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।



















